कुंए की गैस से 5 की मौत, मातम मनाते परिजन
- फोटो : amar ujala
वर्षों तक गांव वालों की प्यास बुझाने वाला कुआं एक एक कर पांच घरों के चिराग बुझाता चला गया। हादसा हरियाणा के जींद/निडाना से जिला मुख्यालय से 14 किलोमीटर दूर निडाना गांव के धानक मोहल्ले में घटी। यहां के बाशिंदों की वर्षों तक प्यास बुझाने वाला कुआं सोमवार को पांच घरों के चिराग बुझा गया। पिछले तीन साल से पूरी तरह बंद इस कुएं से पानी निकालने की उम्मीद में सफाई को उतरे चाचा-भतीजा सहित पांच युवकों की जहरीली गैस के असर से मौत हो गई। दरअसल इस मोहल्ले में गर्मियों में अक्सर पानी की किल्लत रहती है।
ग्रामीणों की कपड़े धोने व पशुओं के लिए अतिरिक्त पानी की जरूरत को पूरा करने के उद्देश्य से कुछ युवकों ने कुएं की सफाई करने का निर्णय लिया। सबसे पहले कुएं में उतरे युवक के बाहर नहीं निकलने पर एक-एक कार चार युवक कुएं में उतरे, लेकिन कोई भी जीवित बाहर नहीं निकल सका। बाहर खड़े लोगों को जब अनहोनी की आशंका हुई तो उन्होंने कुएं में देखा कि सभी बेसुध पड़े हैं। इस पर ग्रामीणों और प्रशासन को सूचना दी गई।
कुछ ही देर में स्वास्थ्य विभाग, दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन कुएं में जहरीली गैस ज्यादा होने के चलते कोई अंदर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी मशीनों को मौके पर बुलाया और कुएं की साइड की मिट्टी को खोदकर करीब सवा तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पांचों युवकों को बाहर निकाला, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में पिछले कई वर्षों से पानी किल्लत बनी हुई है। पिछले एक सप्ताह से गांव में सरकारी पेयजल सप्लाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है। इसके चलते धानक बस्ती के कुछ युवकों ने बंद पड़े कुएं की सफाई कर उसे चालू करने की योजना बनाई, ताकि पशुओं के अलावा नहाने व कपडे़ धोने के लिए पानी की व्यवस्था हो सके। सोमवार सुबह करीब दस बजे बड़ी संख्या में युवक कुएं पर पहुंच गए। शुरुआत में बाल्टियों से गाद निकाली गई, लेकिन पेड़ों की टहनियां निकालने के लिए कुएं के अंदर जाने का निर्णय किया।
एक-एक कर सभी मौत की आगोश में गए
कुंए की गैस से 5 की मौत, मातम मनाते परिजन
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निडाना का 17 वर्षीय मोहन सबसे पहले रस्सा लेकर कुएं में उतरा, लेकिन वह अंदर जाते ही जहरीली गैस के असर से बेसुध हो गया। उसके बाहर नहीं आने पर उसका चाचा 24 वर्षीय दिनेश कुएं में उतरा और वह भी बेसुध हो गया।
अनहोनी की आशंका भांप कर बचाव के लिए कुएं में उतरे 22 वर्षीय सुखचैन, 35 वर्षीय महीपाल व 25 वर्षीय संजय भी बाहर नहीं निकल सके। पांचों युवकों के बाहर निकलने पर बाहर खड़े लोगों में हड़कंप मच गया। उन्होंने देखा कि कुएं में सभी बेसुध पड़े हैं, तो इसकी सूचना गांव में व जिला प्रशासन को दी गई।
जेसीबी से निकाले शव
पांच युवकों की कुएं में मौत की सूचना पाकर डीसी विनय सिंह, एसएसपी राकेश कुमार आर्य प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की टीम बुलवाई गई। दमकलकर्मी आए, लेकिन जहरीली गैस की चपेट में आने के डर से कोई कुएं के अंदर नहीं गया। ऐसे में जेसीबी मशीनें मंगवा कर एक साइड से कुएं को खोदना शुरू किया।
करीब सवा तीन घंटे की मशक्कत के बाद पांच युवकों को बाहर निकाला, लेकिन सभी की मौत हो चुकी थी। डीसी विनय सिंह ने बताया कि सरकार की तरफ से मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की गई है। मौके पर पहुंचे जुलाना के विधायक परमेंद्र सिंह ढुल ने मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की।