हरियाणा में अवैध रूप से बसी सैकड़ों कॉलोनियों में जल्दी सुख-सुविधाएं मिलेंगी। ढांचागत विकास भी हो सकेगा। विधानसभा में हरियाणा नगरपालिका क्षेत्रों में अपूर्ण नागरिक सुख-सुविधाओं व अवसंरचना का प्रबंधन (विशेष उपबंध) संशोधन विधेयक, 2021 सोमवार को पारित हो गया।
सरकार ने अवैध कॉलोनियों में सुविधाएं देने को लगाई गई अनेक शर्तें भी हटा ली हैं। अगर कोई नई अवैध कालोनी भी विकसित हुई है और सुख-सुविधाएं पाने के लिए निर्धारित मापदंडों को पूरा करती है तो संबंधित मंडलायुक्त और नगरपालिका क्षेत्र के नगर आयुक्त की सिफारिश आने पर सुविधाओं की पूर्ति को लेकर सरकार अंतिम निर्णय लेगी। अभी तक 31 मार्च 2015 से पहले बसी अवैध कालोनियों में ही सुविधाएं प्रदान करने का प्रावधान था। बशर्तें, उनमें 50 प्रतिशत निर्माण हो चुका है। साथ ही कॉलोनी पांच साल पहले बसी होनी चाहिए। सोमवार को विधानसभा में पारित संशोधन विधेयक में इन शर्तों को भी हटा दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की ओर से सदन में यह संशोधन विधेयक पेश किया गया। जिसके विभिन्न बिंदुओं पर सदन की सहमति ली गई। हरियाणा नगरपालिका क्षेत्रों में अपूर्ण नागरिक सुख सुविधाओं व अवसंरचना का प्रबंधन विशेष उपबंध अधिनियम, 2016 की धारा 3 के प्रावधान अनेक व्यावहारिक कठिनाइयां प्रस्तुत कर रहे थे, जिन्हें खत्म करना जरूरी हो गया था। इस विधेयक के पारित होने से एनसीआर क्षेत्र व अन्य जिलों में बसी अवैध कालोनियों में जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने का रास्ता साफ हो गया है। संशोधन विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश सरकार अधिसूचना जारी कर प्रदेश में लागू करेगी। इसके बाद अवैध कालोनियों के दिन बहुरने का सिलसिला शुरू होगा।