मानसून सत्र के दूसरे दिन विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी दल कांग्रेस ने कई मामलों में सरकार को घेरा। मेवात स्थित आरोही स्कूलों में स्टाफ की कमी और बीपीएल पात्र लोगों को सरसों तेल के बदले पैसे नहीं मिलने का मामला जोर शोर से उठाया गया। वहीं, विश्वविद्यालयों में भाजपा-जजपा के राजनीतिक कार्यक्रम करने पर भी ऐतराज जताया। हालांकि, सरकार ने इनके ठोस जवाब दिए।
कांग्रेस विधायक मामन सिंह ने कहा कि मेवात में आरोही स्कूलों के पद खाली पड़े हैं। 5 स्कूलों में प्रिंसिपल के पद खाली हैं। एक में प्रिंसिपल था उसका भी पंचकूला तबादला कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मेवात के साथ भेदभाव कर रही है। उनके साथ गीता भुक्कल ने भी सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाए।
आरोही स्कूलों के 2032 पदों को अस्वीकृत करने पर कहा कि स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं तो पढ़ाई कैसे होगी। इस पर शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कहा कि इस समय 36 स्कूलों में 10,673 विद्यार्थी हैं। हमने 115 नए माडल संस्कृति स्कूल खोले हैं। इस मामले में सीएम ने शिक्षा विभाग और वित्त विभाग की एक संयुक्त कमेटी बनाई है।
बत्तरा बोले, बंद हो विवि में राजनीतिक कार्यक्रम, सीएम का जवाब, कांग्रेस भी करती रही है
विश्वविद्यालयों में राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन का मामला भी गूंजा। रोहतक से विधायक बीबी बत्तरा ने कहा कि जेजेपी और भाजपा ने चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय और महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में राजनीतिक कार्यक्रम किए जो गलत है। इस पर शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि राजनीति में बच्चे को शामिल करना कौन सी अच्छी बात है। दूसरा राहुल गांधी भी तो विश्वविद्यालों में भाषण देने जाते हैं।
बत्तरा द्वारा विश्वविद्यालयों में राजनीतिक कार्यक्रम बंद करने को लेकर सवाल किया गया तो खुद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय स्वतंत्र बाडी है, ये तय उनको करना है किसी को कार्यक्रम की इजाजत दें या नहीं। एमडीयू रोहतक में ही कांग्रेस से संगठन एनएसयूआई ने 2017 में कार्यक्रम किया। कांग्रेस के संगठन इंटक ने 17 अक्टूबर 2017 को कार्यक्रम किया। विवि ने नियम बना रखा है कि निर्धारित राशि देकर कोई भी वहां कार्यक्रम कर सकता है।