अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश जगदीप सिंह मढोक की अदालत ने सवा चार साल पहले कोटकपूरा की नई अनाज मंडी में तथाकथित गैंगवार के दौरान गैंगस्टर लवी दियोड़ा की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पांच कुख्यात गैंगस्टरों को साक्ष्य के अभाव में बरी करने का आदेश सुनाया। इनमें हरियाणा के भिवानी का कुख्यात गैंगस्टर दीपक कुमार टीनू भी शामिल है जिस पर विभिन्न राज्यों में हत्या के 10, इरादा-ए-कत्ल के 14 मामलों समेत करीब 34 केस दर्ज हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 15 जुलाई 2017 को कोटकपूरा की नई अनाज मंडी में चल रहे मेले के दौरान लवी दियोड़ा नामक नौजवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। लवी दियोड़ा भी कुछ आपराधिक मामलों का सामना कर रहा था और इस घटना से कुछ दिन पहले जमानत पर जेल से बाहर आया था।
घटना के समय पुलिस ने मृतक लवी दियोड़ा के पिता बंटी दियोड़ा के बयान पर कोटकपूरा निवासी गैंगस्टर भारत भूषण उर्फ भोला शूटर व एक अन्य को आईपीसी की धारा 302, 148, 149 और असलहा एक्ट की धारा 25,54,59 के तहत नामजद किया था, जिसमें बाद में आईपीसी की धारा 120 बी भी शामिल की गई।
पुलिस जांच में दावा किया गया था कि दूसरे गैंग के साथ रंजिश के चलते लवी दियोड़ा की हत्या की गई थी जिसमें कोटकपूरा निवासी भारत भूषण उर्फ भोला शूटर के साथ उसके चार साथियों कोटकपूरा निवासी हरी पाल सिंह, गांव भगवानपुर (गुरदासपुर) निवासी जगदीप सिंह उर्फ जग्गू भगवानपुरिया, चुरू (राजस्थान) निवासी संपत निहरा और भिवानी (हरियाणा) निवासी दीपक कुमार टीनू को नामजद किया था जबकि घटना वाले दिन भारत भूषण उर्फ भोला शूटर के साथ नामजद एक अन्य को क्लीनचिट दे दी गई थी। पुलिस ने इन आरोपियों में से कुछ को खुद गिरफ्तार किया और कुछ को अन्य जिलों में गिरफ्तारी के बाद प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया। पुलिस के चालान पेश करने के बाद जिला अदालत ने इन सभी पांचों गैंगस्टरों पर करीब दो साल पहले अक्तूबर 2019 में आरोप तय कर दिए थे।