देश की अलग-अलग जेलों में बंद सिंहों की रिहाई को लेकर गठित 11 सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी ने गुरुवार को पहली बैठक की। बैठक में पीएम और गृह मंत्री से मिलकर जोरदार ढंग से मामला उठाने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही दिल्ली और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से भी कमेटी मिलेगी। बंदी सिंहों को रिहा करने का मामला उठाएगी।
एसजीपीसी दफ्तर में इस कमेटी की बैठक में दमदमी टकसाल के मुखी संत बाबा हरनाम सिंह खालसा, निहंग सिंह दलों में से तरना दल हरियां वेला के मुखी बाबा निहार सिंह, एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल, शिअद (अमृतसर) के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान की ओर से जसकरण सिंह काहन सिंह वाला, प्रसिद्ध सिख प्रचारक बाबा बलजीत सिंह दादूवाल, दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान हरमीत सिंह कालका, शिअद दिल्ली के प्रधान परमजीत सिंह सरना, दिल्ली कमेटी के पूर्व प्रधान मनजीत सिंह जीके, तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब प्रबंधक कमेटी के प्रधान अवतार सिंह हित तथा तख्त श्री हजूर साहिब, नांदेड़ प्रबंधकीय बोर्ड के प्रधान भूपिंदर सिंह मिन्हास की ओर से परमजोत सिंह चाहल पहुंचे।
कमेटी की बैठक के बाद एसजीपीसी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए शुरू संयुक्त पंथक प्रयासों के तहत बनाई गई कमेटी ने एकजुटता के साथ इस मामले को हर स्तर पर उठाने का फैसला किया है। पहले स्तर पर पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह के साथ जल्द मुलाकात की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रयास रहेगा कि यह मुलाकात 15 दिन के अंदर हो सके। इसके साथ ही प्रो. दविंदरपाल सिंह भुल्लर और भाई गुरदीप सिंह खैहरा की रिहाई को लेकर दिल्ली और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से भी मिला जाएगा।
उन्होंने कहा कि कमेटी के सभी सदस्यों की सहमति से सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के सेवामुक्त जजों की एक सलाहकार कमेटी गठित करने और सभी जत्थेबंदियों के विचार लेने का भी फैसला किया है। एडवोकेट धामी ने कहा कि जरूरत अनुसार इस कमेटी के आगे सब-कमेटियां भी गठित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि बंदी सिंहों की रिहाई संबंधी देश के प्रधानमंत्री समेत किसी भी नेतृत्व से मिलने यह कमेटी एकजुट होकर जाएगी। इसका मकसद सरकारों तक सही पहुंच लेकर जाना है, ताकि जो उन्हें पता चल सके कि कौन-कौन से बंदी सिंह अपनी सजा से ज्यादा समय जेलों में बिता चुके हैं। एडवोकेट धामी ने कहा कि बीते साल होला-मोहल्ला के अवसर पर कोविड पाबंदियों के दौरान तख्त श्री हजूर साहिब में नगर कीर्तन सजाने के चलते जिन 465 सिखों पर केस दर्ज हुए हैं, उनकी पैरवी भी की जाएगी। इस मामले को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री तक पहुंच करके केस खारिज करवाने के लिए कार्रवाई करेंगे।