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Chandigarh News: अब पीजीआई के एडवांस आई सेंटर में लगी आग, तुरंत खाली कराया अस्पताल, अफरा-तफरी का माहौल

Mon, 16 Oct 2023 12:02 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

PGI Chandigarh Fire News : एडवांस आई सेंटर के बेसमेंट में इलेक्ट्रिकल विभाग का ऑफिस है। यह भी कहा जा रहा है कि एडवांस आई सेंटर की बिल्डिंग आधुनिक तकनीक से बनाई गई है। ऐसे में वहां आग लगने की घटना होना कई सवाल खड़े कर रहा है। 
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पीजीआई के एडवांस आई केयर सेंटर में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीजीआई के एडवांस आई सेंटर के बेसमेंट में सोमवार सुबह लगभग 9:15 बजे आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। सात दिन में अस्पताल में यह आग लगने की दूसरी घटना है। इस बार भी यूपीएस की बैटरी में हुए शॉर्ट सर्किट से ही आग लगी। सुरक्षाकर्मी ने बेसमेंट से धुआं निकलते देख फायर सेफ्टी को तत्काल सूचना दी। फायर अलार्म बजने से सभी डॉक्टर और कर्मचारी सचेत हो गए। सुरक्षा कर्मचारियों ने बताया कि यूपीएस रूम की चाबी न मिलने से दरवाजा तोड़कर आग पर काबू पाया गया।

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दुर्घटना की आशंका को देखते हुए एडवांस आई सेंटर की ओपीडी में आए सभी मरीजों के साथ वार्ड में भर्ती मरीजों को तत्काल बाहर निकलने का आदेश दिया गया। पीजीआई प्रशासन के अनुसार आग पर चंद मिनटों में ही काबू पा लिया गया। दुर्घटना में जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। बता दें कि नौ अक्तूबर को पीजीआई के नेहरू हॉस्पिटल में भयंकर आग लगी थी। वहां भी यूपीएस रूम की बैटरी में शॉर्ट सर्किट के कारण दुर्घटना हुई थी।

हादसे के वक्त एडवांस आई सेंटर के बेसमेंट से धुंआ देख निकलते ओपीडी में बैठे मरीज और उनके परिजन एक साथ बाहर निकलने के लिए दौड़े, जिससे अफरा-तफरी मच गई। ओपीडी बंद करने साथ ऑपरेशन भी बंद कर दिए गए। हालांकि ओपीडी चंद घंटे बाद बहाल कर दी गई लेकिन ऑपरेशन टाल दिए गए। वहीं, डॉक्टर और कर्मचारियों ने बचाव के लिए प्रशासन के निर्देश पर सभी को जल्दी बाहर निकलने की सूचना दी।
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भर्ती मरीजों को स्ट्रेचर पर बाहर निकाला जा रहा था। इस दौरान कुछ देर में पूरे बिल्डिंग को खाली कर उसमें प्रवेश पर रोक लगा दिया गया। स्थिति को काबू होने में लगभग तीन घंटे का समय लगा। इतनी देर मरीजों को इलाज नहीं मिल पाया। दोपहर 12 बजे के बाद इलाज शुरू हुआ। डॉक्टरों ने ओपीडी में आए सभी मरीजों को देखा।

बंद था इमरजेंसी एग्जिट

माता-पिता को भीड़ से बचाकर बाहर निकले हुसैन ने बताया कि एडवांस आई सेंटर का एग्जिट डोर बंद था, जिससे ज्यादा परेशानी हो रही थी। उनका कहना था कि धक्कामुक्की को देखते हुए वह शांति से माता-पिता के साथ अंदर ही एक किनारे बैठ गए। इस बीच एक कर्मचारी ने बताया कि पीछे के रास्ते से बाहर निकल सकते हैं लेकिन वहां जाने पर एग्जिट डोर बंद मिला। हुसैन का कहना है कि आपदा से बचाव के लिए ही इमरजेंसी डोर बनाए जाते हैं लेकिन आपात की स्थिति में मदद के रास्ते बंद थे। एक मरीज के परिजन ने बताया कि अलार्म बजने पर छत में लगे सेंसर ने भी काम नहीं किया, जिससे पानी की फुहारें नहीं निकलीं।

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सात दिनों बाद भी नेहरू अस्पताल की जांच नहीं हुई पूरी, यहां चंद मिनटों में हो गई

आग पर काबू पाने के बाद पीजीआई के डीन एकेडमिक प्रोफेसर एसएस पांडा, डीडीए कुमार गौरव, चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर विपिन कौशल और एडवांस हाई सेंटर के प्रमुख डॉ. सुरिंदर पांडव ने प्रेसवार्ता की क्योंकि पीजीआई के डायरेक्टर प्रोफेसर विवेक लाल शहर में मौजूद नहीं थे। प्रो. एसएस पांडा ने बताया कि मौसम खराब होने के कारण वोल्टेज के बार-बार फ्लक्चुएशन होने से समस्या हो गई, जिससे बेसमेंट में रखे गए यूपीएस की बैटरी में शॉर्ट सर्किट के कारण दुर्घटना हुई। इस पर पांच मिनट में काबू पा लिया गया। उन्होंने इस तरह की अनहोनी पर रोक लगाने के लिए विशेष व्यवस्था जल्द ही किए जाने की भी बात कही। इस दौरान संस्थान में इस बात की भी चर्चा रही कि सात दिन पहले हुए अग्निकांड की जांच करने में असमर्थ डॉ. एसएस पांडा की कमेटी ने चंद मिनट में ही आई सेंटर की घटना की रिपोर्ट सौंप दी। ऐसे में नेहरू अस्पताल में लगे आग के पीछे कई सवाल उठने लगे हैं।

यहां भी बायो मेडिकल डिवीजन ने की थी जांच

प्रोफेसर एसएस पांडा ने बताया कि बेसमेंट में रखे गए यूपीएस सिस्टम की कुछ दिनों पहले ही बायोमेडिकल डिवीजन की टीम ने निरीक्षण कर जांच की थी इसलिए शॉर्ट सर्किट के कारणों की जांच बारीकी से कराई जाएगी। चौंकाने वाली बात यह है कि नेहरू अस्पताल के जिस यूपीएस रूप में हुए शॉर्ट सर्किट से भयानक तबाही मची थी उसकी भी देखरेख की जिम्मेदारी बायोमेडिकल डिवीजन ही संभाल रहा है। ऐसे में इस बात की चर्चा भी हो रही है कि बायोमेडिकल डिवीजन के कर्मचारी ड्यूटी के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं जिससे इस तरह की घटनाएं तेजी से हो रही हैं।

नेहरू में सिविल तो आई सेंटर में इलेक्ट्रिक का कार्यालय

नेहरू अस्पताल की तरह पीजीआई के एडवांस आई सेंटर के बेसमेंट में आग से सुरक्षा के मानकों की अनदेखी सामने आई है। बता दे कि नेहरू अस्पताल के यूपीएस रूम में सिविल के कार्यालय को संचालित किया जा रहा था जिससे शॉर्ट सर्किट के दौरान कार्यालय में रखी सैकड़ों फाइलों से आग तेजी से फैली थी। वही एडवांस सर्विस सेंटर के बेसमेंट में रखे गए यूपीएस सिस्टम के पास इलेक्ट्रिक का मुख्य रिकॉर्ड रूम संचालित किया जा रहा है। जहां खरीद संबंधी रिकाॅर्ड से जुड़ी सैकड़ों फाइल रखी हुई है। इस पर भी फायर सुरक्षा ने कभी आपत्ति नहीं जताई है।
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