पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के बॉयज हॉस्टल नंबर-2 के ब्लॉक तीन के कमरा नंबर 58 में शनिवार रात लगभग 11 बजे एमटेक के छात्र प्रदीप ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।प्रदीप ने एनआईटी कुरुक्षेत्र से बीटेक के बाद पीयू से तीन वर्षीय एलएलबी की डिग्री ली थी। पीयू से एमटेक की पढ़ाई के साथ प्रदीप यूपीएससी की तैयारी कर रहा था।
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के छात्र प्रदीप ने आत्महत्या करने से पहले चार पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था। इसमें उसने सबसे पहले खुद को कोसा है। अपनी किस्मत को दोष दिया है और फिर मां से माफी मांगी है। लिखा है कि मां! तेरा प्यारा बेटा थक गया, मुझे माफ करना, बिना कर्ज चुकाए जा रहा हूं। पिता के लिए हरियाणवी में 12 लाइनें लिखीं। कहा कि बापू! तेरी मेहनत देख के मने कदे-कदे शरम आ जावे है।
बता दें कि शनिवार रात को पीयू के बॉयज हॉस्टल नंबर-2 के कमरे में एमटेक की पढ़ाई कर रहे महेंद्रगढ़ (हरियाणा) के छात्र प्रदीप ने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रविवार दोपहर प्रदीप के शव का पोस्टमार्टम पीजीआई में किया गया। बाद में पुलिस ने शव को परिजनों के हवाले कर दिया। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर पैतृक गांव रवाना हो गए।
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भाई को किया था फोन
सूत्रों के मुताबिक मौत का प्रारंभिक कारण आत्महत्या ही है। विसरा रिपोर्ट आने पर स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। थाना पुलिस के मुताबिक, छात्र ने आत्महत्या से पहले अपने भाई को इसकी जानकारी दी थी। उसका भाई हरियाणा पुलिस में एएसआई के पद पर कार्यरत है। मृतक के भाई को जैसे ही फोन पर जानकारी मिली, उसने प्रदीप के दोस्तों और एक जानकार को इसकी जानकारी दी और उसे बचाने की बात कही लेकिन जब तक दोस्त व जानकार हॉस्टल पहुंचे वह फंदा लगा चुका था।
पुलिस को घटना की जानकारी शनिवार रात 10.53 पर लगी। इसके बाद तुरंत उसे पीजीआई ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मृतक के शव पर कोई चोट आदि के निशान नहीं मिले। पुलिस ने सीआरपीसी 174 के तहत कार्रवाई की है। वहीं, पुलिस ने हॉस्टल के वार्डन समेत मृतक के जानकारों के बयान भी दर्ज किए हैं। मौके पर सरकारी फोटोग्राफी करवाते हुए फोरेंसिक जांच विशेषज्ञों को भी बुलाया गया था।
सुसाइड नोट में लिखा- मैं एक आइडियल बेटा नहीं बन पाया
सुसाइड नोट में प्रदीप ने लिखा है उसे अपने ऊपर शर्म महसूस हो रही है कि वह इतना स्वार्थी बन गया, जिसने सोचने और खुद को संभालने की अपनी मानसिक क्षमता भी खो दी। दिल की गहराइयों से बताना चाहता हूं कि चीजों को सामान्य और बेहतर करने के लिए सब कुछ करने का प्रयास किया लेकिन स्थितियां हमेशा खिलाफ रहीं। प्रदीप ने लिखा कि वह निजी, व्यावसायिक और सामाजिक जिंदगी में एकदम फेल हुआ है और इस फेलियर के कारण दुनिया में रहने का कोई हक नहीं है। अपनी मां को संबोधित करते हुए कहा कि मां, माफ कर देना। उसे पता है कि वह बहुत बड़ा कर्ज चुकाए बिना जा रहा है, हो सके तो माफ कर देना। आगे लिखा कि मां, मैं काफी थक गया हूं। तेरा प्यारा बेटा अब बहुत थक गया है। पता है कि आप कभी माफ नहीं करोगी लेकिन मैं इतना थक गया हूं कि यहां से जाना आसान लग रहा है। मैं एक आइडियल बेटा नहीं बन पाया। मैंने कोशिश पूरी की है। जो मैं यह सब कर रहा हूं इसका जिम्मेदार सिर्फ मैं और मैं हूं। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति मेरी इस हरकत का जिम्मेदार नहीं है।
यह आपके बेटे की आखिरी राम-राम है
प्रदीप ने सुसाइड नोट में अपने पिता से भी माफ करने की बात कही है। लिखा है कि आज थक गया। इतना भी पता ही नहीं चल रहा की क्या सही है और क्या गलत। मां-बाप को लिखा कि यह आपके बेटे की आखिरी राम-राम है। अपना ध्यान रखना। मैं भगवान से दुआ करूंगा कि आप खुश रहो। आगे लिखा कि वह भाग्य को नहीं मानता लेकिन लगता है कि यही एक चीज है, जो उसे कुछ पाने से रोक रही है। अपने पिता को लेकर कहा कि आपने अपनी जिंदगी में बड़ी मेहनत की। आप वह इंसान हो जो जिंदगी में कभी नहीं थका। आपकी मेहनत देखकर कभी-कभी तो मुझे शर्म आ जाती कि मेरी उम्र में तो आपने पूरा घर अपलिफ्ट कर दिया था।