वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि पराली और अन्य खेतीबाड़ी की काम न आने वाली वस्तुओं से प्रदेश के पर्यावरण को साफ सुथरा रखने का प्रयास कर प्रदेश में दस हजार करोड़ रुपये के निवेश के साथ 160 बायोमास प्लांट लगाए जा रहे हैं। इन प्लांटों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर करीब पचास हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। बादल रविवार को गांव महमा सर्जा में एक प्राइवेट कंपनी की ओर से लगाए जा रहे सूबे के पहले बायोमास प्लांट का नींव पत्थर रखने आए थे।
उन्होंने बताया कि सूबे में इस प्रकार के 160 प्लांट लगाए जाएंगे, जो पराली और खेतीबाड़ी के बाद काम न आने वाली अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल कर बनाए जाएंगे। इन प्लांटों से किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी करने के साथ साथ पराली की समस्या हल हो जाएगी । महमा सर्जा में प्लांट अगस्त 2018 तक शुरू किया जाएगा। इस प्लांट को लगाने वाली प्राइवेट कंपनी किसानों से पराली खरीदेगी, उससे कोयला तैयार होगा। नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन यह कोयला खरीद कर उससे बिजली बनाएगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि इसके अलावा इंडियन आयल कारपोरेशन की ओर से सूबे में सीएनजी बनाने के प्रयास किए जाएंगे और अरीका नामक इंग्लैंड की कंपनी की ओर से बायो इथनोल बनाया जाएगा जो कच्चे तेल में मिलाकर पेट्रोल और डीजल में उपयोग किया जाता है।