हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की पहल पर प्रदेश सरकार ने प्रसिद्ध अर्थशास्त्री मुकुल अशर की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय पांचवें राज्य वित्त आयोग का गठन किया है। आयोग का गठन हरियाणा पंचायती राज अधिनियम के अनुसार किया गया है। आयोग के अन्य सदस्यों में विष्णु भगवान, रोहिणी अग्रवाल, डॉ. अनिरुद्ध राजपूत, शाम लाल बंसल, राजेंद्र मोहन वालिया, अनुराग बक्शी, नीता खेड़ा शामिल हैं।
हरियाणा सचिवालय स्थापना और वित्त विभाग की विशेष सचिव अमनीत पी. कुमार सदस्य सचिव होंगी। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि आयोग सिद्धांतों से संबंधित सिफारिशें करेगा, जो राज्य व जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के बीच शुल्क, टोल और राज्य द्वारा लगाई गई फीस की कुल प्राप्ति के वितरण को शासित करेगा। आयोग भारत के संविधान के भाग 9 के तहत जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के बीच सभी स्तरों पर ऐसी प्राप्तियों के उनके हिस्सों को विभाजित कर उनका आवंटन भी करेगा।
आयोग टैक्स, शुल्क और टोल व फीस निर्धारण संबंधी सिफारिशें भी करेगा। यह प्रदेश के समेकित कोष से जिला परिषदों, पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के लिए अनुदान सहायता की भी सिफारिश करेगा। आयोग सिद्धांतों का अनुसरण करेगा, जो राज्य व नगरपालिकाओं के बीच शुल्क, टोल व राज्य द्वारा लगाई गई फीस की कुल प्राप्ति के वितरण को शासित करेगा, जिसे भारत के संविधान के भाग 9-ए के तहत विभाजित करके उनमें आवंटित किया जाएगा। यह प्रदेश के समेकित कोष से नगरपालिकाओं को अनुदान सहायता प्रदान करने की भी सिफारिश करेगा।
इसके साथ ही नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति में सुधार लाने के लिए आवश्यक उपायों की भी सिफारिश करेगा। सिफारिशें करते समय आयोग सरप्लस कैपिटल निवेश सृजित करने के लिए और प्रदेश की प्राप्तियों व खर्च संतुलन के उद्देश्य से अन्य मामलों पर भी विचार करेगा। इसके अलावा प्लान स्कीम के रखरखाव खर्च और अन्य प्रतिबद्ध खर्च या प्रदेश की देनदारियां व पंचायती राज संस्थाओं और नगरपालिकाओं की जरूरतों पर विचार करने के साथ-साथ संसाधन जुटाने और खर्च कम करने के लिए उनकी क्षमता पर भी विचार करेगा।
अर्थशास्त्र व सामाजिक सुरक्षा के विशेषज्ञ हैं मुकुल अशर
अर्थशास्त्री मुकुल जी अशर
- फोटो : फाइल फोटो
आयोग के अध्यक्ष मुकुल अशर साल 2012 से ली कुआन येव स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी के एक प्रोफेसरियल फैलो और जनवरी, 2016 से ग्लोबल विलेज फाउंडेशन दिल्ली के डायरेक्टर पब्लिक पॉलिसी रहे हैं। उन्होंने वर्ष 1963 में बम्बई विश्वविद्यालय से स्नातक की मानद उपाधि हासिल। वर्ष 1968 में वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर और इसी विश्वविद्यालय से वर्ष 1972 में पीएचडी की उपाधि हासिल की।
उन्हें सार्वजनिक क्षेत्र, अर्थशास्त्र, सामाजिक सुरक्षा की अर्थव्यवस्था और पब्लिक पॉलिसी व इकनोमिक रीजनिंग के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल है। उनकी वर्तमान अनुसंधान रुचियों में एशियन देशों के सार्वजनिक वित्त के विभिन्न पहलु, एशिया के विकसित देशों में सामाजिक सुरक्षा के मामले और भारत व पूर्व एशिया के बीच आर्थिक संबंध शामिल हैं।
यह है वित्त आयोग के सदस्यों का प्रोफाइल :
आयोग के सदस्यों में विष्णु भगवान पूर्व आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने चार वर्षों तक खाद्य एवं कृषि संगठन रोम के लिए भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने उपायुक्त, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव और मुख्य सचिव सहित विभिन्न पदों पर रहते हुए हरियाणा सरकार की सेवा की है। रोहिणी अग्रवाल भी अनुभवी प्रबंध परामर्शदाता व अप्रत्यक्ष कर और जीएसटी में आईसीएआई के स्टडी ग्रुप की सदस्य हैं।
उन्होंने सर्विस टैक्स लॉ, कंपनी लॉ कम्प्लाइंस सर्टिफिकेट, गाइड टू मर्केंटाइल और कमर्शियल लॉ, बिजनेस कम्युनिकेशन एंड ओर्गेनाइजेशन और प्रबंध पर अनेक पुस्तकों का संपादन किया है। संयुक्त राष्ट्र अंतराष्ट्रीय कानून आयोग (2017-21) के लिए भारत के उम्मीदवार डॉ. अनिरुद्ध राजपूत सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं और उन्होंने झारखंड के अतिरिक्त महाधिवक्ता के रूप में भी कार्य किया है।
पंचकूला निवासी शाम लाल बंसल जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता हैं। जबकि कुरुक्षेत्र के राजेंद्र मोहन वालिया फ्रीलांस जर्नालिस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। अनुराग बक्शी एक पूर्व आईआरएस अधिकारी हैं, जिन्होंने रेवेन्यू इंटेलीजेंस निदेशालय मुंबई और राजस्व विभाग के वित्त मंत्रालय में कार्य किया है। अंबाला कैंट निवासी नीता खेड़ा पूर्व नगरपालिका पार्षद हैं। वह हरियाणा समाज कल्याण बोर्ड की भी सदस्य हैं।