मनीमाजरा के हाउसिंग बोर्ड चौराहे पर रावण दहन के लिए तीन पुतले लगाए गए थे। प्रशासन के आदेश के बाद द आजाद ड्रामेटिक क्लब के पदाधिकारियों ने पुतलों में से पटाखे कम कर दिए और शुक्रवार को दहन के लिए ग्राउंड में पुतला खड़ा किया। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पुतलों में पटाखे हैं तो पुलिस दोपहर में मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने क्लब से बात की और फिर जहां तक वह पहुंच पाए, उन्होंने पटाखे निकाले। तीनों पुतलों में से काफी पटाखे निकाले। पुलिस कर्मचारी ज्यादा ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाए, इसलिए मुंह और सिर में पटाखे रह गए। इसके बाद रावण दहन की मंजूरी दी गई।
सेक्टर- 17 : पटाखों की आवाज निकालने के लिए लगा दिए बड़े-बड़े स्पीकर
प्रशासन ने पटाखों पर प्रतिबंध लगाया तो सेक्टर-17 के परेड ग्राउंड में रावण दहन के दौरान पटाखों की कमी को दूर करने के लिए बड़े-बड़े स्पीकर लगा दिए गए। स्पीकर की वजह से लोगों ने बिना प्रदूषण पटाखों केशोर के बीच रावण दहन का आनंद लिया। श्री रामलीला कमेटी ने इस पटाखे न चलाने के आदेश का पालन भी कर लिया और लोगों को पटाखों की कमी भी महसूस नही हुई। यहां पर 12 फुट के कोरोना, 70 फुट के रावण, 60 फुट के कुंभकरण व मेघनाद का दहन देखने के लिए हजारों लोग पहुंचे थे। रावण से पहले कोरोना का दहन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में वित्त सचिव डॉ. विजय नामदेव राव जड़े मौजूद रहे।
पुतला जलाकर नहीं, हवन यज्ञ कर मनाया दशहरा पर्व
सेक्टर-43 में नव दशहरा कमेटी पिछले 25 वर्षों से लगातार रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले जलाती थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते समिति ने पुतले जलाने के बजाए हवन यज्ञ कर दशहरा पर्व मनाया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद सत्यपाल जैन मुख्यातिथि के तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि हवन यज्ञ भी बुराइयों को भस्म कर वातावरण को शुद्ध बनाने का काम करता है, इसलिए समाज में बीमारियों और कुरीतियों का अंत हवन यज्ञ के माध्यम से भी किया जा सकता है। कोरोना महामारी के कारण पुतले बनाकर जलाना और भारी जनसमूह इकट्ठा करना संभव नहीं है। इस अवसर पर जीके गिरधर, डॉ. राजेश मित्तल, जीएस थिंड, डीके सिंह, प्रदीप पुरी, एडी राजपूत, प्रीती वर्मा, अनामिका वालिया और रमेश निक्कू आदि उपस्थित रहे।
यूटी प्रशासन ने 12 अक्तूबर की शाम को ये आदेश जारी किया कि रावण में पटाखों का इस्तेमाल नहीं होगा। तब तक सभी रामलीला कमेटियों ने रावण का पुतला बनाने का काम लगभग पूरा कर लिया था। कुछ रामलीला कमेटियों ने पुतलों में पटाखे भी लगा दिए थे। इसलिए ही ये स्थिति पैदा हुई। रामलीला कमेटियों के पदाधिकारियों ने इसका जिम्मेदार प्रशासन को ठहराया है। उनका कहना है कि अगर प्रशासन को पटाखों पर प्रतिबंध लगाना ही था तो ये आदेश कुछ दिन पहले जारी करते, ताकि पुतलों में पटाखे डालते ही नहीं। नियमों के अनुसार ही वह पुतला तैयार करवाते, लेकिन हर बार आखिरी वक्त में फैसला लेने की आदत से असमंजस की स्थिति पैदा हुई है।
जिसका डर था वही हुआ
यूटी प्रशासन को डर था कि रावण दहन में कोरोना के दिशा निर्देशों का पालन कराना बेहद कठिन होगा। उनका अंदेशा सच साबित हुआ। हर रावण दहन आयोजन स्थल पर लोगों की भारी भीड़ जुटी। सामाजिक दूरी के नियम हवा हो गए। बहुत से लोगों ने मास्क भी नहीं लगाए थे। कोरोना के नियमों का जमकर मजाक उड़ाया गया। स्टेज से नियमों को मानने की घोषणा की जाती रही, लेकिन किसी ने परवाह नही की।
सेक्टर-34 में रावण दहन से पहले हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। रामलीला कमेटी के सदस्य रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन पटाखे से करने पर अड़े थे जबकि अधिकारी हर हाल में प्रशासन के फैसले पर अमल कराना चाहते थे। दोनों पक्षों के बीच डेढ़ घंटे तक बहस और तनातनी चलती रही, इस दौरान संशय बना रहा कि पुतला दहन होगा या नहीं। आखिर में प्रशासन के आदेश को ताक पर रखकर अधिकारियों के सामने ही पुतलों को पटाखों के साथ जलाया गया।
पटाखों से रावण दहन की सूचना पर एसडीएम दक्षिण रूपेश कुमार अपनी टीम के साथ शाम साढ़े पांच बजे सेक्टर-34 के मैदान में पहुंचे। उन्होंने रामलीला कमेटी के सदस्यों से रावण के पुतले में पटाखे नहीं लगाने का शपथपत्र मांगा, लेकिन कमेटी सदस्यों ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया और कार्यक्रम जारी रखा। इस पर एसडीएम ने खुद माइक लिया और घोषणा की कि जब तक कमेटी के सदस्य शपथपत्र नहीं देते पुतलों का दहन नहीं किया जाएगा। आदेश नहीं माने तो कार्रवाई होगी। इस पर कमेटी के सदस्य भड़क गए और कहा कि चाहे 200 लोगों पर पर्चा हो जाए, पुतला दहन होकर रहेगा। कहा कि उन्होंने प्रशासक और सलाहकार से अनुमति ले ली है। एसडीएम ने लिखित आदेश दिखाने को कहा, जिसे नहीं दिखाया गया। इसके बाद एसडीएम ने पुलिस बल को पुतलों के पीछे तैनात कर दिया और आदेश दिया कि इन्हें नहीं जलाया जाएगा। इसके बाद एसडीएम मौके से चले गए।
अरुण सूद बोले-आज भी उल्लास से मनाएंगे दशहरा
एसडीएम के निकलने के बाद शाम 5:40 बजे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरुण सूद मंच पर पहुंचे। कमेटी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद सूद ने सबको विजयदशमी की बधाई दी। कहा कि इस बार का दशहरा खास है क्योंकि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है। आगे कहा कि एक आशंका थी कि इस बार पटाखे शायद दशहरे पर नहीं होंगे लेकिन राम की कृपा से हम जैसे दशहरा सदियों से मनाते आएं हैं, आज भी उसी उल्लास के साथ मनाएंगे। सूद के इतना कहते कि कमेटी के सदस्यों ने मंच पर अनार चलाकर खुशी जाहिर कर दी। इसके बाद पुलिस बल भी रावण के पुतलों के पीछे से हटकर भीड़ संभालने में जुट गई।
सवा छह बजे शुरू हुआ तीनों पुतलों का दहन
सेक्टर-34 में शाम छह बजे मंच से राम और रावण संवाद के साथ पटाखे चलने शुरू हो गए। इसके बाद हनुमान ने अशोक वाटिका को जलाया, इसमें भी काफी पटाखे लगाए गए थे। इसके बाद क्रम से पहले मेघनाद, फिर कुंभकर्ण और रावण के पुतलों का दहन किया गया। तीनों पुतलों में काफी संख्या में पटाखे लगाए गए थे।
आधे घंटे जाम में फंसे रहे लोग
सेक्टर-34 में हजारों की संख्या में बच्चे, बूढ़े और व्यस्क दशहरे का कार्यक्रम देखने पहुंचे थे। इस कारण पुतलों के दहन के बाद सेक्टर-34 के चारों तरफ की सड़कों पर लगभग आधे घंटे तक जमा लगा रहा। साढ़े छह बजे पुतले दहन के बाद कार्यक्रम खत्म हुआ और लगभग सात बजकर पांच मिनट तक गाड़ियां जाम में फंसी रहीं। इस दौरान आम लोगों ने भी सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु करने में मदद की।
सेक्टर-34 में जिन भी लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया है, उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं। - रूपेश कुमार, एसडीएम दक्षिण, चंडीगढ़