मोदी सरकार के बजट ने कर्मचारियों को काफी निराश किया है। कर्मचारी वर्ग का यही कहना है कि आयकर में छूट उम्मीद से कम मिली है और इससे कर्मचारियों को कोई फायदा नहीं होगा। कर्मचारियों का यही कहना है कि अभी उनके अच्छे दिन नहीं आए हैं। बजट पर कर्मचारी वर्ग के कुछ प्रतिनिधियों ने ये प्रतिक्रियाएं दी।
बजट में कर्मचारियों के लिए तो कुछ खास नहीं है। वैसे आयकर में कुछ छूट तो मिली है, लेकिन यह उम्मीद से कम है। बाकी भी बजट में कुछ खास नहीं है।
राकेश कुमार, संयोजक, को-ऑर्डिनेशन कमेटी
मेरा मानना है कि यूपीए सरकार ने फिर भी अपने बजट में कर्मचारियों को तवज्जो दी थी, लेकिन एनडीए सरकार ने तो हमें पूरी तरह नजरअंदाज ही कर दिया। आयकर में मामूली सी छूट दी गई है, जिसका कर्मचारी वर्ग को कोई खास लाभ नहीं होगा। कांट्रैक्ट व आउटसोर्स इंप्लॉइज के लिए कोई बेहतर फैसला नहीं हुआ है। कुल मिलाकर कर्मचारियों के अच्छे दिन नहीं आए हैं।
राजिंदर कुमार, महासचिव, पेक इंप्लॉइज यूनियन
आयकर में छूट मिलने से कर्मचारियों को कुछ राहत मिली है। इससे ज्यादा बजट में कर्मचारियों के लिए कुछ और नहीं है।
मोहर सिंह, अध्यक्ष, सीटीयू यूनियन
एनडीए सरकार के बजट को इंप्लॉइज फ्रैंडली बजट नहीं कहा जा सकता। बजट में न तो आयकर में कोई खास छूट मिली है और न ही हाउसिंग लोन पर ब्याज में अधिक छूट मिली है। कर्मचारियों के हक में कोई फैसला नहीं हुआ है।
एएस रंधावा, अध्यक्ष, पब्लिक हेल्थ यूनियन