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आम बजट पर विभिन्न वर्गों की प्रतिक्रियाएं

Fri, 11 Jul 2014 03:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मोदी सरकार के बजट ने कर्मचारियों को काफी निराश किया है। कर्मचारी वर्ग का यही कहना है कि आयकर में छूट उम्मीद से कम मिली है और इससे कर्मचारियों को कोई फायदा नहीं होगा। कर्मचारियों का यही कहना है कि अभी उनके अच्छे दिन नहीं आए हैं। बजट पर कर्मचारी वर्ग के कुछ प्रतिनिधियों ने ये प्रतिक्रियाएं दी।
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बजट में कर्मचारियों के लिए तो कुछ खास नहीं है। वैसे आयकर में कुछ छूट तो मिली है, लेकिन यह उम्मीद से कम है। बाकी भी बजट में कुछ खास नहीं है।
राकेश कुमार, संयोजक, को-ऑर्डिनेशन कमेटी

मेरा मानना है कि यूपीए सरकार ने फिर भी अपने बजट में कर्मचारियों को तवज्जो दी थी, लेकिन एनडीए सरकार ने तो हमें पूरी तरह नजरअंदाज ही कर दिया। आयकर में मामूली सी छूट दी गई है, जिसका कर्मचारी वर्ग को कोई खास लाभ नहीं होगा। कांट्रैक्ट व आउटसोर्स इंप्लॉइज के लिए कोई बेहतर फैसला नहीं हुआ है। कुल मिलाकर कर्मचारियों के अच्छे दिन नहीं आए हैं।
राजिंदर कुमार, महासचिव, पेक इंप्लॉइज यूनियन

आयकर में छूट मिलने से कर्मचारियों को कुछ राहत मिली है। इससे ज्यादा बजट में कर्मचारियों के लिए कुछ और नहीं है।
मोहर सिंह, अध्यक्ष, सीटीयू यूनियन

एनडीए सरकार के बजट को इंप्लॉइज फ्रैंडली बजट नहीं कहा जा सकता। बजट में न तो आयकर में कोई खास छूट मिली है और न ही हाउसिंग लोन पर ब्याज में अधिक छूट मिली है। कर्मचारियों के हक में कोई फैसला नहीं हुआ है।
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एएस रंधावा, अध्यक्ष, पब्लिक हेल्थ यूनियन

शहर की महिलाओं को भाया मोदी का बजट

अच्छे दिन आने वाले हैं। यह बात शहर की महिलाओं ने वीरवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बजट को देखकर कही। अमर उजाला रूपांतरण क्लब की सदस्यों की बजट पर प्रतिक्रियाएं कुछ यूं रहीं....

पिछले साल की तुलना में इस साल बजट से काफी सुविधा मिल रही है। महिलाओं की सुरक्षा की योजना तारीफ लायक है।
नैना घई, गृहिणी

बजट में इनकम टैक्स और खाद्य पदार्थ में छूट दी गई है जो कि सराहनीय है। सीनियर सिटीजन को टैक्स में मिली छूट भी बढ़िया कदम है। होम लोन में छूट भी फायदेमंद होगी।  
रजनी वाधवा, वर्किंग

मोदी जी ने अपने वादे पूरे किए है। कांग्रेस ने जो दीमक लगा दी थी, मोदी ने उसे दूर किया है। तेल, साबुन, स्टील के बर्तन में छूट दी हैं और दवाएं सस्ती कर दी हैं। साथ ही सिगरेट, कोल्ड ड्रिंक्स महंगा होना अच्छा है।
संगीता श्रीवास्तव, गृहिणी

मिडिल क्लास के लिए बजट काफी फायदेमंद होगा।
गुनीत भसीन, गृहिणी

बजट पिछले साल से तो काफी बेहतर है।
डिंपल , गृहिणी      

मुझे बजट इतना पसंद नहीं आया। हर चीज तो महंगी हो गई है। मोदी जी ने अपने वादे पूरे नहीं किए है।
इंदु वालिया, वर्किंग

यह बजट काबिले तारीफ है। कर्मचारी वर्ग को आखिर कुछ तो सुविधाएं मिली हैं।
निधि, शिक्षिका

इस बजट से और महंगाई बढ़ जाएगी। यह बजट आम जनता के लिए फायदेमंद नहीं होगा।
सीता खंडेलवाल, गृहिणी 

मोदी सरकार के पहले बजट से खुश शिक्षाविद

मोदी सरकार के पहले बजट को लेकर शहर के स्कूल, कालेज और यूनिवर्सिटी स्तर के शिक्षाविद खासे उत्साहित दिखे। सभी ने बजट को संयमित और भविष्य के लिए बेहतर बताया है। अमर उजाला ने शहर के शिक्षाविद और कुछ अभिभावकों से बजट को लेकर उनकी राय जानी

मेरे हिसाब से काफी समय बाद काफी अच्छा बजट पेश किया गया है। नौकरीपेशा लोगों को टैक्स में छूट देने से राहत मिली है। बजट में स्कूल और हायर एजूकेशन को लेकर काफी बजट रखा गया है।
सरोज सावंत (प्रिंसिपल मोती राम आर्य सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-27 चंडीगढ़

बजट मध्य वर्गीय लोगों को ध्यान में रखकर तैयार किया है। यह बजट भविष्य के लिए अच्छी शुरूआत कही जा सकती है। बजट में युवाओं के लिए नौकरी, टैक्स में छूट और इनवेस्टमेंट पर फोकस किया गया है। कुल मिलकार बजट एक्सीलेंट रहा है।
एपी भारद्वाज, डायरेक्टर इनोवेशन स्टडी सेंटर सेक्टर-37 चंडीगढ़।

सर्विस इंपलाइज के लिए टैक्स में छूट अच्छा कदम है। बीजेपी सरकार का पहला बजट था, उम्मीद है अगले सालों में देश की आर्थिक स्थिति काफी बेहतर होगी। आम आदमी के फायदे का बजट कहा जा सकता है।
दीपक कौशिक, प्रेसिडेंट पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग एसोसिएशन
 
इसे आम आदमी का बजट कहा जा सकता है। इनकम टैक्स में छूट से लोगों को कुछ राहत मिलेगी। सेविंग को लेकर भी सरकार ने कदम उठाया है। बजट में एजूकेशन पर भी फोकस किया गया है।
आरके महाजन, डायरेक्टर ब्राइट एकेडमी सेक्टर-15 चंडीगढ़

बजट में नौकरीपेशा लोग टैक्स छूट की अधिक उम्मीद लगाए हुए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सरकार ने देश में नए आईआईएम और आईआईटी खोलने का अच्छा फैसला लिया है, लेकिन पुरानी यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थाओं के लिए भी बजट में अतिरिक्त प्रावधान किया जाना चाहिए था।
डा.राजकुमार, चीफ लाइब्रेरियन पंजाब यूनिवर्सिटी
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एजूकेशन और हेल्थ पर उम्मीद से कम फोकस

बजट तैयार करने की प्रक्रिया काफी लंबी होती है, जिसमें सरकार इंडस्ट्री से लेकर अन्य वर्ग के एक्सपर्ट से सलाह लेती है। मोदी सरकार को अभी बने मुश्किल से डेढ़ महीना हुआ है। मेरी नजर में फिर भी आम बजट में काफी चीजों को ध्यान में रखा गया है। वहीं कुछ प्वाइंट्स पर और फोकस किया जा सकता था।

सरकार ने बजट में आम आदमी खास तौर से कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों पर काफी ध्यान दिया है। देश की जीडीपी को बेहतर बनाने के लिए कई अच्छे कदमों का भविष्य में लाभ मिलेगा। एजूकेशन और हेल्थ पर फोकस तो किया गया लेकिन यह उम्मीद से कम है। पांच नए आईआईटी और इतने ही आईआईएम के लिए 500 करोड़ मंजूर किए गए हैं।

देश में काफी संख्या में यूनिवर्सिटी तो हैं लेकिन उनकी डेवलपमेंट के लिए बजट में कोई अतिरिक्त प्रावधान नहीं होता। सैलरी क्लास को टैक्स में कुछ छूट मिलना अच्छी बात है। साथ ही 80 सी के तहत स्लैब 1 से 1.50 लाख कर लोगों को सेविंग के लिए भी मोटिवेट किया गया है। हाउसिंग लोन बढ़ाने से कंस्ट्रक्शन वर्क को काफी बढ़ावा मिलेगा।

इससे इस क्षेत्र में लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। देश में 100 नए स्मार्ट सिटी बनाने का फैसला ठीक है लेकिन लोग जानना चाहते हैं कि इसके लिए पैसा कहां से आएगा? पीपीएफ की लिमिट 1 से 1.5 लाख करना अच्छी पहल है। देश के नार्थ ईस्ट शहरों को जोड़ने के लिए 1000 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट की मंजूरी से आवाजाही काफी आसान होगी।

बीजेपी ने वन रैंक वन पेंशन को लागू कर अपने वादे को पूरा किया है। देश के नेशनल हाईवे के लिए भी बजट में काफी पैसा रखा गया है। राजस्थान सहित कुछ राज्यों में एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी शुरू करना भी अच्छा कदम है।

- एमआर खुराना, पीयू के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक्स विभाग के प्रोफेसर
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