कृषि कानून रद्द करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने अब ईंधन की बढ़ती कीमत को लेकर भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने आठ जुलाई को देशभर में प्रदर्शन कर बढ़ती कीमतों का विरोध जताने का फैसला लिया है। इसके साथ ही हरियाणा, उत्तर प्रदेश व चंडीगढ़ में किसानों के साथ ही समर्थकों पर दर्ज मुकदमे जल्द वापस लेने की मांग की गई है।
कुंडली बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े संगठनों की बैठक हुई, जिसमें देशभर से 67 किसान संगठनों ने भाग लिया। यहां फैसला लिया गया कि ईंधन की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है और पेट्रोल-डीजल के दाम कई जगह 100 से पार पहुंच गए हैं। इस तरह ही गैस सिलिंडर के दाम लगातार बढ़ाए जा रहे हैं।
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य बलबीर सिंह राजेवाल, जगजीत सिंह दल्लेवाल, दर्शनपाल, गुरनाम सिंह चढूनी, युद्धवीर सिंह ने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर ही आठ जुलाई को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं भाजपा व सहयोगी दलों के नेताओं का विरोध जारी रहेगा।
इसके साथ ही कहा गया कि हरियाणा, यूपी, चंडीगढ़ समेत अन्य जगहों पर प्रदर्शन करने पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं, इनको जल्द ही खत्म नहीं किया गया तो किसान उन सभी जगहों पर जाकर विरोध जताएंगे और वहां भी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
पंचकूला में प्रदर्शन के दौरान अनुशासनहीनता के आरोप की जांच को बनाई कमेटी
भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि पंचकूला में प्रदर्शन के दौरान अनुशासनहीनता की गई थी, यह मामला जानकारी में आया है। इस तरह अनुशासनहीनता से संगठन व आंदोलन को नुकसान होता है। इसलिए उसकी जांच के लिए कमेटी बनाई गई है, जिसमें अंबाला से विनोद राणा, मलकीत, कुरुक्षेत्र से बलकार सिंह, यमुनानगर से संजू, इंद्री से रामपाल चहल को रखा गया है। यह कमेटी मामले की जांच करेगी और उसके बाद वह कोई फैसला लेगी तो उसे मंजूर किया जाएगा।