पंजाब में बिजली की भारी कमी के चलते मचे कोहराम के बीच शुक्रवार को बिजली संकट और गहरा गया। रोपड़ थर्मल प्लांट की एक यूनिट तकनीकी खराबी के चलते बंद पड़ हो गई है। उधर, तमाम पाबंदियों के बावजूद प्रदेश में बिजली की मांग 13500 मेगावाट रही। पावरकॉम इसे पूरा नहीं कर पा रहा है। यही वजह है कि कई जगहों पर लोगों को कटौती का सामना करना पड़ा रहा। वहीं किसानों को भी दिन में मुश्किल से दो से तीन घंटे ही बिजली मिली।
पंजाब में इन दिनों भीषण गर्मी और धान सीजन के चलते बिजली की मांग चरम पर है। लेकिन पावरकॉम के पास बिजली की उपलब्धता कम है। शुक्रवार दोपहर को बिजली संकट उस समय और गंभीर हो गया, जब रोपड़ थर्मल प्लांट की 210 मेगावाट की क्षमता वाली एक यूनिट तकनीकी कारणों से बंद हो गई।
खबर लिखे जाने तक यूनिट की मरम्मत का काम जारी था, जबकि तलवंडी साबो थर्मल प्लांट का 660 मेगावाट की एक यूनिट पहले ही बंद है। बुधवार को प्रदेश में बिजली की मांग 13500 मेगावाट दर्ज की गई। रोपड़ प्लांट की एक यूनिट ठप होने की वजह से पावरकॉम पर और बोझ पड़ गया है। यही वजह है कि प्रदेश में लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
पंजाब के अन्य जोन में भी औद्योगिक वीकली ऑफ लगेंगे: डायरेक्टर
पावरकॉम के डायरेक्टर वितरण दलजीत इंद्रपाल सिंह ने बताया कि पंजाब में पैदा हुए बिजली संकट के मद्देनजर जरूरत पड़ने पर सेंट्रल (लुधियाना) जोन और जालंधर जोन में दो दिनों के औद्योगिक वीकली ऑफ के बाद अन्य जोन में भी औद्योगिक वीकली ऑफ लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सेंट्रल (लुधियाना) जोन और जालंधर जोन में औद्योगिक वीकली ऑफ शनिवार को शाम समाप्त हो जाएगा। जिसके बाद सिलसिलेवार ढंग से जोन वाइज अन्य जोन में औद्योगिक वीकली ऑफ लगाया जाएगा है। साथ ही कहा कि रोपड़ के बंद पड़े यूनिट को जल्द चालू कर लिया जाएगा।