चंडीगढ़ में 26 से 28 नवंबर तक धरना लगाने की तैयारी कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने एक दिन मुख्यमंत्री आवास और एक दिन राजभवन मार्च करने का फैसला किया है। मोर्चा में शामिल किसान संगठनों ने इस संबंध में बैठक की। बैठक की अध्यक्षता बूटा सिंह बुर्जगिल, हरिंदर सिंह लखोवाल और जोगिंदर सिंह उग्राहां ने की। इस दौरान तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई।
बैठक के बाद मोर्चे के प्रमुख नेता व पंजाब किसान यूनियन के प्रदेश प्रधान रुलदू सिंह मानसा ने पत्रकारों को बताया कि किसानों की लंबे समय से लंबित प्रमुख मांगों और धान की पराली जलाने के मामले में किसानों पर दर्ज केस और जमीनों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री के खिलाफ चंडीगढ़ में तीन दिवसीय धरना देने का फैसला लिया गया है।
उन्होंने बताया कि मुख्य मांगों में किसानों की कर्ज माफी, एमएसपी की कानूनी गारंटी, पंजाब में बाढ़ और ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा शामिल है। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि एक दिन मुख्यमंत्री आवास और दूसरे दिन राज्यपाल कार्यालय तक मार्च किया जाएगा।