चंडीगढ़। किसान जीतकर ही अपने घर जाएगा। सरकार ने किसानों से पंगा लिया है, अब किसान माफ नहीं करेगा। सरकार बांटने का काम कर रही है लेकिन किसान एकजुट होकर हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। जब तक कानून वापसी नहीं होगी, घर वापसी नहीं होगी। ये बातें शुक्रवार को सेक्टर-25 स्थित रैली ग्राउंड में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहीं। वह हल्ला बोल किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
टिकैत ने कहा कि पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में रैली होगी। वहां से मेरा घर उतनी ही दूर है, जितनी पास में खड़ी कार, लेकिन मैं अपने घर नहीं जाऊंगा। अब इस लड़ाई को जीतने के बाद ही मैं घर जाऊंगा। नौ महीने हो गए, नौ साल भी आंदोलन चलेगा तो चलाएंगे। टिकैत ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार कानून वापस लेगी, लेकिन यह नहीं पता कि वह कौन सी सरकार होगी। वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा के नेता वोट मांगने आएं तो पूछना कि प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि किसानों की आय दोगुनी होगी, क्या वास्तव में हुई। सरकार पर्चा दर्ज कर आंदोलन को दबा नहीं सकती। टिकैत ने यह भी कहा कि कलम और कैमरे पर बंदूक का पहरा है।
गोदाम पहले बन गए, कानून बाद में
टिकैत ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने भाजपा को खड़ा किया, वह तो घरों में कैद हैं। आज अंबानी और अडानी देश चला रहे हैं। गोदाम पहले बन गए और कानून बाद में बने। कंपनियां किसानों पर कर्जा बढ़ाएंगी और जमीन अपने कब्जे में कर लेंगी। टिकैत ने किसानों से कहा कि अपनी जमीन मत बेचना। इसे पूर्वज हमें देकर गए हैं। गोदामों को जनता तोड़ेगी, क्योंकि उनमें से बेईमानी की बू आ रही है।
सबकुछ बेचने पर तुली है सरकार
राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार सब कुछ बेचने पर तुली है। स्टील प्लांट, स्टेडियम, रेलवे सभी का निजीकरण हो गया। रोटी को गोदाम की वस्तु बनाने में लगे हैं। दो महीना अनाज सस्ता रहेगा और जब किसान अनाज बेच देंगे तो वे 10 महीने उसे महंगा बेचेंगे। बिहार से अन्न लाकर पंजाब व अन्य प्रदेशों में अधिकारी और नेता मिलकर एमएसपी पर बेचते हैं। सरकार एमएसपी पर गारंटी दे। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ ने पूरे देश को दिखाया कि आंदोलन कैसे चलता है। इस दौरान राकेश टिकैत ने लोगों को मुजफ्फरनगर की रैली में आने का न्योता दिया।
खाप और पंजाब का जोड़ा नाता
राकेश टिकैत ने कहा कि जब दशम पातशाही नांदेड़ जाते हुए सोनीपत के पास नाहरी गांव में रुके थे। वहां से जाते समय लोगों को कहा था कि हम किसी को भेजेंगे। उन्होंने बंदा सिंह बहादुर को भेजा। वहां बंदा बहादुर तीन महीने तक रुके। खाप की 4700 लोगों की फौज बंदा बहादुर के साथ थी। इस दौरान उन्होंने सरहिंद को जीता था। टिकैत ने कहा कि हमारा पंजाब के साथ बेहतर तालमेल हुआ है। इसको और मजबूत करना है। पंजाब-हरियाणा का खून एक हैं। हम सब एक हैं। यह तालमेल हमेशा रखना।