हरियाणा में पांच और किसानों की आत्महत्या की घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव से जवाब तलब किया है।
आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस विजेंद्र जैन ने अखबार में छपी खबरों का हवाला देते हुए सरकार से पूछा है कि ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार ने क्या पालिसी बनाई है।
इसके साथ ही यह भी पूछा है कि यदि कोई किसान फसल खराब होने के कारण आत्महत्या कर लेता है तो सरकार ने उसके लिए अंतरिम राहत की क्या योजना तैयार की है।
आयोग ने मुख्य सचिव को 31 जुलाई तक जवाब दाखिल करने को कहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में किसानों की आत्महत्या के मामलों पर मानवाधिकार आयोग पहले भी मुख्य सचिव से जवाब तलब कर चुका है।