पहली बार देखा वाघा बार्डर, पंजाब में बहुत सत्कार मिला
पंजाब में घूमने वाले हरियाणा के राजेश और नरेश कुमार समेत अन्य युवा किसानों ने बताया कि पंजाब के किसानों ने उनका बहुत मान सम्मान किया है। हमें पंजाब के कल्चर को भी समझने का मौका मिला है, इससे पहले वे पंजाब नहीं गए थे। पहली बार वाघा बार्डर देखा। पंजाब के लोगों की दिलदारी के बारे में सुना था, लेकिन चार से पांच दिन तक हमने यहां रहकर महसूस भी किया। बहुत सत्कार मिला। एक दूसरे के गांवों में आने जाने से न केवल दोनों प्रदेशों के किसानों में भाईचारा बढ़ा है, बल्कि इससे आंदोलन को भी मजबूती मिली है।
अब पंजाब के किसानों को हरियाणा के गांवों में ले जाएंगे : मान
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान का कहना है कि सरकारों ने पूरी कोशिश की है कि एसवाईएल या अन्य मुद्दों पर पंजाब व हरियाणा के किसानों को अलग अलग किया जा सके लेकिन किसान टूटने वाले नहीं हैं। ये बहुत ही अच्छी पहल है कि किसानों द्वारा दूसरे प्रदेश के किसानों को अपने अपने गांवों में ले जाया जा रहा है और उनका सम्मान हो रहा है। भाकियू भी इसी तर्ज पर काम करेगी और दिल्ली बार्डरों पर डटे पंजाब के किसानों को हरियाणा के गांवों में ले जाया जाएगा, ताकि वे जनता को अपने संघर्ष की कहानी बता सकें। आखिर किस प्रकार से वे एक माह से ज्यादा से खुले आसमान के नीचे डटे हुए हैं। इसके लिए पूरा शैड्यूल तैयार किया जाएगा। यकीनन इससे आंदोलन को मजबूती मिलेगी और किसान एक दूसरे प्रदेश के किसानों की भावनाओं की कद्र करेंगे।