लघु सचिवालय के बाहर बेमियादी धरने के तीसरे दिन गुरुवार को प्रशासन से कोई बातचीत न होने पर किसानों ने दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। किसान नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी न हुई तो 11 सितंबर को करनाल में संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक कर आंदोलन तेज करने का फैसला लिया जाएगा। इस पर हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि एसडीएम ही नहीं, पूरे लाठीचार्ज घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने के लिए तैयार हैं लेकिन अधिकारी हो, किसान या किसान नेता दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उधर, धरनास्थल पर किसान नेताओं ने अफसरों के साथ बुधवार को हुई वार्ता के सभी बिंदु किसानों के समक्ष रखे। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता सुरेश कौथ ने कहा कि अफसरों ने कई बिंदुओं पर नरमी बरती थी लेकिन मांगों पर कोई स्पष्ट फैसला नहीं लिया जा रहा। कौथ ने कहा कि एसडीएम आयुष सिन्हा के खिलाफ केस दर्ज कर न्यायिक जांच शुरू हो जाती है तो करनाल से पड़ाव उठ सकता है।
लाठीचार्ज में शामिल अफसर और पुलिस कर्मियों के खिलाफ सरकार को सख्त कार्रवाई करनी पड़ेगी। सरकार मृतक किसान के आश्रितों को मुआवजा नहीं भी देगी तो किसान स्वयं मिलकर इस पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद करेंगे।
हरियाणा समेत पंजाब और यूपी से पहुंचे किसान
पंजाब से भाकियू उगराहां के प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां विशाल जत्थे के साथ गुरुवार को करनाल में चल रहे धरने में शामिल होने पहुंचे। सैकड़ों वाहनों में हजारों किसान बड़े-बड़े झंडे लेकर पहुंचे तो अलग ही जोश दिखाई दिया। उधर, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में बसों, जीप, ट्रैक्टरों, कारों, मोटरसाइकिलों व अन्य वाहनों में पहुंचे। इस दौरान शहर का यातायात भी खासा प्रभावित रहा।