कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुरुवार को जिला तरनतारन के गांव असल उताज में स्थायी सी-पाइट कैंप का डिजिटल तरीके से नींव पत्थर रखा। 1965 की भारत-पाक जंग के परमवीर चक्र विजेता कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद के बेमिसाल शौर्य को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब के नौजवानों को सैन्य और अर्ध-सैन्य बलों में चयन के लिए उपयुक्त प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से इस कैंप की स्थापना का आगाज किया।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने सातवें राज्य स्तरीय मेगा रोजगार मेले का भी उद्घाटन किया, जिसका लक्ष्य पंजाब भर में 2.5 लाख रोजगार मुहैया कराना है। मुख्यमंत्री ने सरकारी नौकरियों की भर्ती परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और ‘मेरा काम, मेरा मान’ स्कीमों की शुरुआत भी की, जिससे निर्माण मजदूरों और उनके बच्चों को बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर वेलफेयर बोर्ड के तहत रोजगार सहायता भत्ता (2500 रुपये प्रति माह) मुहैया करवाया जाएगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बताया कि होशियारपुर के बजवाड़ा में एक नया सरदार बहादुर अमीं चंद सोनी आर्म्ड फोर्सेस प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट 26.96 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जा रहा है ताकि पंजाब के नौजवानों को सीडीएसई और अन्य परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा सके। रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण विभाग द्वारा बीते चार वर्षों से रोजमर्रा औसतन 1200 नौजवानों को नौकरियों मुहैया करवाई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मिशन रेड स्कायी’ शुरू किया गया है, जिससे पंजाब के ओट क्लीनिकों में इलाज करवा रहे नशा पीड़ितों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में नौकरी के मौके यकीनी बनाए जा सकें।