भाकियू राजेवाल के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि वह कैप्टन सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें कृषि कानूनों में संशोधन करने के बजाय कानूनों को ही खारिज कर देना चाहिए था। भाजपा सरकार को अपनी गलती का एहसास हो चुका है लेकिन अहंकार के कारण इसे स्वीकार नहीं कर रही है। आंदोलन का निष्कर्ष सरकार के हाथों में है, यदि सरकार उन्हें बुलाती है तो वह बात करने को तैयार हैं।
कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर मनाएंगे होली
26 मार्च को आंदोलन के चार महीने पूरे होंगे। इस दौरान भारत बंद के आह्वान को ऑल इंडिया किसान सभा ने समर्थन देने की घोषणा की है। संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत बंद की घोषणा की है। सभा के प्रधान अशोक धावले ने कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने के लिए रणनीति तैयार की गई है।
28 मार्च को किसान संगठन कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर होली मनाएंगे। धावले ने कहा कि किसान और व्यापार संघ मिलकर पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई वृद्धि और निजीकरण के खिलाफ 15 व 16 मार्च को प्रदर्शन करेंगे। 17 मार्च को तमाम ट्रेड यूनियन और सामाजिक और किसान संगठन सिंघु बॉर्डर पर इकट्ठे होकर विशाल रैली करेंगे। 19 मार्च को 'मंडी बचाओ-खेती बचाओ' दिवस मनाएंगे।