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बलबीर सिंह राजेवाल का बयान : चुनावी राज्यों का दौरा करेंगी किसानों की टीमें, भाजपा को वोट न देने की करेंगे अपील

Thu, 11 Mar 2021 07:53 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने की घोषणा
  • बोले- लोगों से करेंगे आग्रह, भाजपा को छोड़कर किसी भी दल को करें मतदान
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बलबीर सिंह राजेवाल। - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार हठ दिखा रही है। सरकार के इस रवैये को देखते हुए पश्चिम बंगाल समेत चुनाव वाले पांच राज्यों में किसान संगठनों की टीमें जाएंगी। जहां वह लोगों से आग्रह करेंगी कि वे भाजपा को छोड़कर किसी भी राजनीतिक दल को मतदान करें। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर किसान संगठन कृषि कानूनों की प्रतियां वितरित कर इनके नुकसान बताएंगी। प्रत्येक टीम बंगाल में रोज 3-4 रैलियां करेगी। 

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किसान भवन में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि संगठनों की दो टीमें पहले ही असम पहुंच चुकी हैं। आंदोलन की रणनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे निजीकरण के खिलाफ ट्रेड यूनियनों के 15 मार्च के आह्वान का समर्थन करेंगे। 26 मार्च को भारत बंद में शामिल होंगे। 

19 को पेट्रो पदार्थों की बढ़ी कीमतों के विरोध में प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब और बंगाल वे राज्य हैं, जो विभाजन के दौरान सबसे अधिक दंश झेल चुके हैं। ये दोनों राज्य ही किसान आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि वे मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हर राज्य में जाएंगे। किसान नेता हरमीत सिंह कादियान और प्रोफेसर मनजीत सिंह ने कहा कि लोग स्वेच्छा से आंदोलन को मजबूत करने के लिए धन दे रहे हैं।

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कैप्टन के फैसले से खुश नहीं किसान

भाकियू राजेवाल के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि वह कैप्टन सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से संतुष्ट नहीं हैं। उन्हें कृषि कानूनों में संशोधन करने के बजाय कानूनों को ही खारिज कर देना चाहिए था। भाजपा सरकार को अपनी गलती का एहसास हो चुका है लेकिन अहंकार के कारण इसे स्वीकार नहीं कर रही है। आंदोलन का निष्कर्ष सरकार के हाथों में है, यदि सरकार उन्हें बुलाती है तो वह बात करने को तैयार हैं। 

कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर मनाएंगे होली
26 मार्च को आंदोलन के चार महीने पूरे होंगे। इस दौरान भारत बंद के आह्वान को ऑल इंडिया किसान सभा ने समर्थन देने की घोषणा की है। संयुक्त किसान मोर्चा ने भारत बंद की घोषणा की है। सभा के प्रधान अशोक धावले ने कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने के लिए रणनीति तैयार की गई है। 

28 मार्च को किसान संगठन कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर होली मनाएंगे। धावले ने कहा कि किसान और व्यापार संघ मिलकर पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई वृद्धि और निजीकरण के खिलाफ 15 व 16 मार्च को प्रदर्शन करेंगे। 17 मार्च को तमाम ट्रेड यूनियन और सामाजिक और किसान संगठन सिंघु बॉर्डर पर इकट्ठे होकर विशाल रैली करेंगे। 19 मार्च को 'मंडी बचाओ-खेती बचाओ' दिवस मनाएंगे।
 
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