टीकरी बॉर्डर पर ग्रामीण को जिंदा जलाने के मामले में किसान आंदोलन पर सवाल उठे तो संयुक्त किसान मोर्चा को सफाई देना पड़ा। संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान के पारिवारिक कारणों से आत्महत्या करने की बात कही तो भाजपा-जजपा पर इसको हत्या बताकर आंदोलन को बदनाम करने का आरोप लगाया। वहीं भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यह भी कहा है कि कुछ लोग हत्या बता रहे हैं तो यह जांच का विषय है और उसकी जांच जरूर होनी चाहिए।
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य बलबीर सिंह राजेवाल, जोगिंदर सिंह उगराहा, जगजीत सिंह दल्लेवाल, गुरनाम सिंह चढूनी, योगेंद्र यादव, युद्धवीर सिंह ने कहा कि बुधवार की रात पेट्रोल पंप के पास एक व्यक्ति अकेला देखा गया था, जिसने अचानक अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली तो किसान मोर्चा के वॉलंटियर ने यह देखकर उसकी जान बचाने के लिए आग बुझाई।
किसान नेताओं के अनुसार उस व्यक्ति ने बताया था कि उसने पारिवारिक समस्या से तंग आकर मरने का फैसला किया था। उनके अनुसार पेट्रोल पंप के कर्मचारी ने मुकेश की पहचान करके परिवार को सूचना दी तो वहां आने के बाद वह उसे अस्पताल ले गए। किसान नेताओं ने कहा कि जहां किसानों ने एक अनजान व्यक्ति की जान बचाने की कोशिश की, वहां किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।
किसान नेताओं ने कहा इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और किसान मोर्चा इसमें सहयोग करेगा। वहीं भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि टिकरी बॉर्डर पर एक व्यक्ति के आत्महत्या करने की जानकारी मिली है। हालांकि यह भी कुछ लोग कह रहे हैं कि उसे जलाया गया है। यह जांच का विषय है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। यह जरूर है कि यह बहुत दुखद घटना है।