संगरूर जिले के सुनाम ऊधम सिंह वाला इलाके में एक किसान ने रविवार शाम को जहरीला पदार्थ निगल लिया और सोमवार सुबह उसकी मृत्यु हो गई। किसान पर करीब सात लाख रुपये का सरकारी व गैर-सरकारी कर्ज था। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने खुदकुशी के लिए सरकारी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया और सरकार से पीड़ित किसान परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा व सरकारी नौकरी देने की मांग की।
यूनियन के जिला महासचिव दरबारा सिंह छाजला व रामपाल शर्मा ने बताया कि गांव जखेपल हंबलवास के किसान गुरचरण सिंह (54) ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली। लंबे समय से किसान कर्ज से परेशान था और उनके पास पांच एकड़ जमीन थी। छाजला ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण ही किसान कर्ज के जाल में फंसा है।
पंजाब सरकार ने किसानों का पूर्ण कर्ज माफ करने का वादा किया था। अगर सरकार ने पूरा कर्ज माफ किया होता तो आज किसान सुरक्षित होता। उन्होंने मांग की है कि पीड़ित किसान परिवार को तुरंत उचित मुआवजा व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।