क्या है मामला
8 जुलाई 2022 को सुबह करीब 11:55 बजे कार्मल कॉन्वेंट स्कूल के परिसर में विरासती पीपल के पेड़ के नीचे छात्राएं बैठकर लंच कर रहीं थीं, तभी अचानक पेड़ का एक बड़ा हिस्सा जड़ से उखड़कर उन पर आ गिरा। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत हादसे की सूचना पुलिस को दी। आनन-फानन स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों ने पेड़ के नीचे दबी छात्राओं को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हीराक्षी, इशिता और बस कंडक्टर शीला को सेक्टर-16 के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया।
पीजीआई में डॉक्टरों ने हीराक्षी को मृत घोषित कर दिया जबकि शीला और इशिता की हालत गंभीर थी। बाद में इशिता के हाथ को काटना पड़ा जबकि अटेंडेंट शीला को लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ा। बाद में इस मामले की जांच के लिए प्रशासक ने सेवानिवृत्त जस्टिस जितेंद्र चौहान की अध्यक्षता वाली एक सदस्यीय कमेटी का गठन किया। कमेटी ने छह महीने बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी और पीड़ितों को मुआवजा देने की सिफारिश की।
कमेटी ने कहा- हादसा इंजीनियरिंग विभाग की चूक से हुआ
रिपोर्ट में कमेटी ने साफ कहा कि हादसा इंजीनियरिंग विभाग की चूक के कारण हुआ क्योंकि अधिकारियों ने मौके का दौरा नहीं किया और पेड़ों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए विशिष्ट प्रोटोकॉल तैयार नहीं किया गया और जरूरत पड़ने पर उपचार किया जाना चाहिए था। प्रशासन ने इसमें जवाब दिया कि किसी स्पष्ट दिशा निर्देश के अभाव में इंजीनियरिंग विभाग निजी संस्थानों के परिसर में प्रवेश नहीं कर सकता। भविष्य में ऐसे हादसों को टालने के लिए दिशानिर्देश भी जारी किए गए।
कमेटी ने दिए थे ये सुझाव
- एक ग्रीन बिग्रेड का निर्माण किया जाए
- रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी (आरडब्ल्यूए) के सदस्यों को जोड़ा जाए
- परिपक्व पेड़ों का अल्ट्रासोनिक मूल्यांकन हो
- सभी मृत और सूखे पेड़ों का व्यापक सर्वेक्षण किया जाए
- जानमाल का नुकसान बने पेड़ों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाए जाए
- हेरिटेज पेड़ों का नियमित निरीक्षण हो, यूकेलिप्टस के पेड़ों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाए