हरियाणा में दुष्कर्म के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है। सामूहिक दुष्कर्म के मामलों के साथ ही आरोपियों को सजा दिलाने का ग्राफ गिरा हैं। प्रदेश में दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म के झूठे मामले भी सामने आए हैं। 2021 में गुरुग्राम व फरीदाबाद में सबसे अधिक दुष्कर्म हुए हैं। गृह मंत्री अनिल विज ने 2014 से 2021 तक के दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म के मामलों का पूरा ब्योरा सदन पटल पर रखा। निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने सरकार अतारांकित सवाल में यह जानकारी मांगी थी।
आंकड़ों के अनुसार झूठे मामले पांच गुना तक बढ़े हैं। पुलिस ने जांच के बाद इन्हें रद्द कर दिया। 2017 में दो व 2021 में एक महिला पुलिस कर्मचारी ने एक मामला दुष्कर्म का दर्ज कराया। 2014 में 944 मामले थे, जो 2021 में बढ़कर 1546 हो गए हैं। सामूहिक दुष्कर्म के मामले 2014 में 206 थे, जो 2021 में कम होकर 176 रह गए। सात साल में इन मामलों में लगातार कमी आई है।
पुलिस जांच के बाद 2014 में दुष्कर्म के 156 व सामूहिक दुष्कर्म के 56, 2015 में दुष्कर्म के 204, सामूहिक दुष्कर्म के 65, 2016 में दुष्कर्म के 224, सामूहिक दुष्कर्म के 57, 2017 में दुष्कर्म के 298, सामूहिक दुष्कर्म के 58, 2018 में दुष्कर्म के 436, सामूहिक दुष्कर्म के 72, 2019 में दुष्कर्म के 484 व सामूहिक दुष्कर्म के 80, 2020 में दुष्कर्म के 504 व सामूहिक दुष्कर्म के 76, 2021 में दुष्कर्म के 628 व सामूहिक दुष्कर्म के 77 केस झूठे निकले।