विलाप करते गैस पीड़ितों के परिजन।
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पंजाब के लुधियाना में जहरीली गैस ने 11 लोगों की जान ले ली है। इलाके के लोग हादसे के बाद खौफ में हैं। सिविल अस्पताल पहुंचे ग्यासपुरा के सूआ रोड निवासी और भाजपा के मंडल प्रधान संजय गुप्ता ने भरे मन से रविवार सुबह के भयावह मंजर को बयां किया। संजय ने बताया कि उनका घर हादसे वाली जगह से करीब 500 मीटर दूर है। गैस रिसाव से चंद मिनट पहले उनका बेटा उसी बूथ से दूध लेकर लौटा था। कुछ देर बाद पूरे इलाके में अजीब सी दुर्गंध फैल गई। इसने आसपास के लोगों अपने चपेट में ले लिया।
भगवान ने उनके बेटे को तो बचा लिया लेकिन आस पड़ोस के कई लोग अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके करीबी मित्र और पास में ही स्थित आरती क्लीनिक के डॉक्टर कविलाश यादव और उनका पूरा परिवार खत्म हो गया। कविलाश मूलरूप से बिहार के गया जिले के रहने वाले थे। वह करीब 20 साल से ग्यासपुरा में क्लीनिक चला रहे थे। क्लीनिक के ऊपर उनका परिवार रहता था। गैस रिसाव वाली जगह के बिल्कुल पास कविलाश का क्लीनिक था। यही वजह थी कि घर में सो रहा परिवार भी जद में आ गया। कविलाश (40), उनकी पत्नी वर्षा (35), बेटे आर्यन (10), अभय (13) और बेटी कल्पना (16) की मौत हो गई।
दूर भागा तभी जिंदा बच गया
टेलर की दुकान चलाने वाले शिव शंकर ने बताया कि रविवार को आंखों देखा मंजर और महसूस किए पलों को जिंदगी भर नहीं भूलेंगे। सुबह सात बजे तक सबकुछ सामान्य था फिर अचानक ऐसा लगा कि जैसे हवा में किसी ने जहर घोल दिया हो। दुर्गंध से दम घुटने लगा। वह दुकान बंद करके दूर खुली जगह पर भागे।
तभी पता चला कि दुकान के पास ही गैस का रिसाव हुआ है और कई लोगों की मौत हो गई है। यह सुनकर रूह कांप उठी। ऐसा लगा कि मौत छूकर गुजर गई है। सुबह का समय होने की वजह से अभी मार्केट पूरी नहीं खुली थी। तकरीबन एक घंटे बाद किसी तरह से हिम्मत करके दुकान पर वापस लौटे तो चारों तरफ चीख पुकार मची हुई थी। उन्होंने कहा कि वे दुकान बंद करके दूर भागने की वजह से जिंदा बचा है नहीं तो मौत निश्चित थी।