देश में टेक्सटाइल, फैब्रिक, ऑटो पार्ट और अनाज आदि के उत्पादन के बड़े हब के रूप में विकसित हो चुके पंजाब से निर्यात लगातार घट रहा है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो भारत के कुल निर्यात के मुकाबले में पंजाब कहीं पीछे जा रहा है। फेडरेशन ऑफ एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) की बैठक में इसका खुलासा हुआ है। निर्यात घटने की बड़ी वजह राज्य में बढ़ती श्रम लागत और घटते कामगारों के अलावा पिछले वर्ष हुए किसान आंदोलन को भी माना जा रहा है।
माह 2019 2020 (आंकड़े करोड़ में )
फेडरेशन ऑफ एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन ने बीते दिनों लुधियाना में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय और भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) संतोष कुमार सारंगी के साथ निर्यात से जुड़े मुद्दों पर मंथन किया। बैठक में प्रमुख व्यवसायियों ने प्रस्तावित निर्यात-आयात नीति के बारे में जानकारी दी और उनके सामने आने वाली समस्याओं को भी साझा किया। संतोष कुमार ने कहा कि भारतीय निर्यातकों ने चालू वर्ष में कुल निर्यात लक्ष्य हासिल कर लिया है, जो कि 400 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक है। अगले कुछ वर्षों के दौरान 1,000 बिलियन अमेरिकी डॉलर का लक्ष्य भी हासिल होने की उम्मीद है। बैठक में सीजीएसटी लुधियाना के प्रधान आयुक्त विकास कुमार, कमिश्नर ऑफ कस्टम्स लुधियाना वृंदाबा गोहिल ने विचार साझा किए।