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Chandigarh: पीजीआई के विशेषज्ञों ने तैयार किया विशेष मास्क, आईसीयू के मरीजों को नहीं होगी घबराहट, भोजन भी कर सकेंगे

Thu, 23 Jun 2022 11:47 AM IST
निवेदिता वर्मा वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

प्रोजेक्ट के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. शिवलाल सोनी ने बताया कि मरीजों की तादाद बढ़ने पर उन्हें नॉन इंवेंजिव वेंटिलेशन मास्क से होने वाली परेशानियों का विस्तार से पता चला। सिर्फ इटली में सी-पैप हेलमेट का इस्तेमाल होता था, लेकिन वह महंगा था।  
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नॉन इंवेंजिव वेंटिलेशन मास्क - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोविड के दौरान आईसीयू में भर्ती मरीजों की परेशानी को देखते हुए चंडीगढ़ पीजीआई के विशेषज्ञों ने उनकी सहूलियत के लिए कई डिवाइस तैयार किए हैं। उनमें से एक है सी-पैप हेलमेट, जिसकी मदद से आईसीयू के मरीजों को आरामदायक अनुभूति कराने के साथ वेंटिलेटर पर होने के बावजूद भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।

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सी-पैप हेलमेट लगाकर मरीज अपनों से बात करने के साथ उन्हें देख भी सकते हैं। इससे पहले नॉन इंवेंजिव वेंटिलेशन मास्क लगाने पर मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने इस डिवाइस को बनाने के लिए पीजीआई को अनुदान दिया है। 

प्रोजेक्ट के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. शिवलाल सोनी ने बताया कि कोविड के दौरान जब आईसीयू में मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ने लगी तो हमें नॉन इंवेंजिव वेंटिलेशन मास्क से होने वाली परेशानियों का विस्तार से पता चला। काफी तलाश करने पर सिर्फ इटली में सी-पैप हेलमेट के इस्तेमाल की जानकारी मिली लेकिन वह इतना महंगा था कि उसे मरीजों के लिए मंगाना संभव नहीं हो पा रहा था इसलिए हमने अपने देश में उसे तैयार करने का निर्णय लिया। डीआरडीओ से फंडिंग मांगी। इसकी अनुमति मिलने पर इंड्रस्ट्रियल पार्टनर के साथ मिलकर इस डिवाइस को तैयार करने का काम शुरू हुआ और हमने इसे बनाने में सफलता हासिल कर ली। इस डिवाइस की विदेशों में कीमत 20 हजार रुपये है जबकि पीजीआई इसे महज 3 से 4 हजार रुपये की लागत में तैयार कर रहा है।

हेलमेट को पहनकर बात भी कर सकेंगे 

डॉ. सोनी ने बताया कि सी-पैप हेलमेट में मरीज के लिए राइस ट्यूब फीडिंग की सुविधा भी दी गई है। इससे मरीज आईसीयू में वेंटिलेटर पर होने के बावजूद फीडिंग ले पाएगा। वहीं वह बात भी कर सकेगा, जबकि नॉन इंवेंजिव वेंटिलेशन मास्क में यह सारी सुविधाएं नहीं हैं। उसे लगाने के बाद मरीज को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। वह उसके लिए आरामदायक नहीं है। उसे पहनने के बाद न तो वह ठीक से देख पाता है और न ही उसे पहनकर बात करना ही संभव है।

इससे पहले बना चुके हैं हाई फ्लो नेजल कैनुला

सी पैप हेलमेट के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. शिवलाल सोनी ने प्रो. जीडी पुरी के मार्गदर्शन में इससे पहले हाई फ्लो नेजल कैनुला डिवाइस बनाई है। इस डिवाइस की मदद से आईसीयू के मरीजों को तेज रफ्तार से ऑक्सीजन देकर उन्हें वेंटिलेटर पर जाने से बचाने में काफी मदद मिल रही है।

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कोविड के दौरान हमारे युवा डॉक्टरों ने इंडस्ट्रियल पार्टनर के साथ मिलकर कई उपयोगी डिवाइस तैयार किए हैं। उनमें से एक है सी-पैप हेलमेट। इसकी मदद से आईसीयू के मरीजों के इलाज में काफी मदद मिल रही है। - प्रो. जीडी पुरी, डीन एकेडमिक, पीजीआई

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