कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
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शराब के अवैध कारोबार के मामले में विशेष जांच टीम बनाने की घोषणा के एक दिन बाद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में इस गैर-कानूनी गतिविधि पर नकेल कसने के लिए उत्पादकों, थोक और परचून विक्रेताओं के बीच चल रही मिलीभगत खत्म करने के लिए आबकारी सुधार ग्रुप बनाने का एलान किया।
प्रवक्ता ने बताया कि इस पांच सदस्यीय ग्रुप को शराब कारोबार के नापाक गठजोड़ को तोड़ने के लिए 60 दिनों के अंदर अपनी सिफारिशें सौंपने को कहा गया है ताकि शराब की अवैध बिक्री बंद हो सके और राज्य का आबकारी राजस्व बढ़ सके।
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ग्रुप में आवास निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया, लोक निर्माण मंत्री विजय इंद्र सिंगला, सेवामुक्त आईएएस अधिकारी डीएस कल्ला, सलाहकार (वित्तीय स्रोत) वीके गर्ग और सचिव (स्कूल शिक्षा) कृष्ण कुमार को शामिल किया गया है।
एसआईटी के समानांतर कार्य करेगा सुधार ग्रुप
विशेष जांच टीम (एसआईटी) जिसे राज्य में शराब के अवैध व्यापार से जुड़े सभी पहलुओं की जांच का काम सौंपा गया है और जिसमें आबकारी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत की भी जांच की जाएगी, उसके समानांतर काम करते उक्त ग्रुप की तरफ से ऐसी मिलीभगत के कारण राज्य को हुए आर्थिक नुकसान का पिछला सारा हिसाब किताब भी लगाया जाएगा।
वित्त मंत्री की रिपोर्ट पर विचार कर सकता है ग्रुप
मुख्यमंत्री की तरफ से इस ग्रुप को बाकी सभी पक्षों के साथ विस्तार से विचार-विमर्श के बाद कानूनी और प्रशासनिक सुधारों संबंधी सुझाव देने के आदेश भी दिए गए हैं। इस प्रक्रिया में ग्रुप द्वारा वित्त मंत्री के पश्चिमी बंगाल दौरे और उससे पहले स्थानीय निकाय मंत्री द्वारा दिए गए सुझावों /रिपोर्टों को भी विचारा जा सकता है।