पंजाब के एक्साइज इंस्पेक्टर से मारपीट
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फतेहगढ़ साहिब जिले में अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कस रहे आबकारी एवं कर विभाग के अधिकारियों पर चंडीगढ़ में हमला और अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया है। फतेहगढ़ साहिब में तैनात एक्साइज इंस्पेक्टर हरिसरमन सिंह ने आरोप लगाया है कि शराब तस्करों से सांठगांठ के चलते चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के बजाय उल्टा उन्हें ही राजपुरा चौकी में बैठाकर रखा।
घटना 19 सितंबर की रात करीब 11 से 12 बजे के बीच की है। पीड़ित एक्साइज इंस्पेक्टर हरिसरमन सिंह चंडीगढ़ में परिवार के साथ रहते हैं। उनके अनुसार, शराब तस्करी के दर्जनों मामलों में से 18 मामले चंडीगढ़ से जुड़े हैं। पिछले एक महीने में टीम ने चंडीगढ़ से पंजाब लाई जा रही करीब 300 पेटी अवैध शराब जब्त कर सात मुकदमे दर्ज किए।
जांच के दौरान सेक्टर-24 स्थित हिमालयन वाइन नामक शराब ठेकेदार कंपनी की संलिप्तता सामने आई थी। लगातार हो रही कार्रवाई से बौखलाए शराब ठेकेदार पहले से उनकी रेकी कर रहे थे। घटना की रात सेक्टर-24 के पास ठेकेदार के कारिंदों ने उन्हें घेर लिया और गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपितों ने उनसे मारपीट की।
मुख्य आरोप
- कार की चाबी निकाली और धक्का-मुक्की की।
- मोबाइल फोन भी छीन लिया।
- आईकार्ड दिखाने पर भी चंडीगढ़ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया।
एसएसपी चंडीगढ़ ने एसीपी सिटी को सौंपी जांच
चौकी से छूटने के तुरंत बाद हरिसरमन सिंह ने घटना की जानकारी पंजाब आबकारी विभाग के उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद अधिकारियों ने चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। एसएसपी चंडीगढ़ ने मामले की जांच एसीपी सिटी को सौंप दी है। पूरी घटना को लेकर आबकारी विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में भारी रोष है। आबकारी एवं कराधान इंस्पेक्टर यूनियन पंजाब के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही इस पूरे मामले में कार्रवाई न होने पर संघर्ष किया जाएगा।