चंडीगढ़। एस्टेट ऑफिस में पुरानी फाइलों के डिजिटलीकरण का कार्य पूरा हो गया है। अब सभी फाइलें ऑनलाइन हो गई हैं। डीसी मनदीप सिंह बराड़ के अनुसार एस्टेट ऑफिस की लगभग सभी फाइलों को स्कैन और अपलोड किया जा चुका है। अब सभी तरह के भुगतान को ऑनलाइन करने के लिए बैंकों के साथ बैठकें चल रही हैं।
डीसी बराड़ ने बताया कि अब एनआईसी और बैंक के अधिकारियों के साथ डॉक्युमेंट मैनेजमेंट सिस्टम, ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम और बकाया राशियों को जोड़ने के लिए तैयार किए जा रहे अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर पर काम चल रहा है। इसके लिए 31 अगस्त तक का समय तय किया गया है। एस्टेट ऑफिस के ऑनलाइन डाटा को क्लर्क और ब्रांच इंचार्ज के स्तर के अधिकारी द्वारा डिजिटली तरीके से तक साइन भी किया गया है। डीसी ने डाटा को वेरीफाई करते समय बेहद सावधानी बरतने के आदेश दिए थे। डीसी ने पूरी प्रक्रिया के लिए आईएस रुपेश और एचसीएस राधिका सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अगर कोई भी अधिकारी व कर्मचारी पुरानी फाइलों के डिजिटलीकरण में लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 15 अगस्त 2020 को की गई थी। रिकॉर्ड को डिजिटल करने और सेवाओं को ऑनलाइन करने के लिए एनआईसी को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। इस पूरे काम के लिए सॉफ्टवेयर तैयार करने की जिम्मेदारी और इसको लागू करने की जिम्मेदारी भी एनआईसी को सौंपी गई है। डीसी ने बताया कि इस नए सिस्टम के लागू होने के बाद से शहरवासियों को अपनी फाइलों के लिए दौड़ भाग नहीं करनी पड़ेगी। वह घर बैठे ही अपने मोबाइल पर फाइलों को ट्रैक कर सकेंगे। इससे विभाग में पारदर्शिता आएगी और लोगों को भी दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेगे।