चंडीगढ़ प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग पिछले चार महीने से एक गड्ढा नहीं भर पा रहा है, जिसका खामियाजा रोजाना लोगों को चोटिल होकर भुगतना पड़ रहा है। डड्डूमाजरा से मलोया की तरफ जाने वाली सड़क के बीचों बीच एक बड़ा गड्ढा है, जिसमें दीपावली की रात पांच लोग गिरे और बुरी तरह से जख्मी हुए हैं।
डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड के प्रोसेसिंग प्लांट की तरफ सड़क के इस गड्ढे में गंदा पानी भर जाता है, जिसकी वजह से साइकिल, मोटरसाइकिल और कार चालकों को ये गड्ढा नहीं दिखता और वो सीधे उसमें जा गिरते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि रोजाना आठ से दस हादसे इस गड्ढे की वजह से हो रहे हैं। रात में ज्यादा हादसे होते हैं, क्योंकि सड़क पर लाइट जलती नहीं है और गंदा पानी होने की वजह से ऐसा प्रतीत होता है कि वहां सड़क है।
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इसी गफलत में दीपावली की रात भी पांच लोग बुरी तरह से जख्मी हुए हैं, जिनमें से एक अपनी पत्नी और बच्चे के साथ था। चोट लगने के साथ लोग डंपिंग ग्राउंड से निकले गंदे पानी में भी जाकर गिर रहे हैं, जिसकी बदबू कई दिन तक रहती है। ये सब होने के बावजूद इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी सोए हुए हैं और उन पर शिकायतों का भी कोई असर नहीं है। गड्ढा भी काफी बड़ा और गहरा है।
इसे लेकर पहले भी प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा को शिकायत दी गई थी। उन्होंने गड्ढे को मिट्टी से भरवा दिया, लेकिन वो कुछ ही दिन बाद फिर से पुरानी स्थिति में आ गया। स्थानीय निवासी दयाल कृष्ण ने बताया कि लोग सड़क के गड्ढ़ों में गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं, स्मार्ट सिटी के लिए इससे शर्मनाक बात क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन जल्द इसे नहीं भरेगा तो मजबूरन लोगों की जान बचाने के लिए वह खुद ही अपने पैसे खर्च कर इसे भरेंगे।
एक्सईएन को निर्देश दे दिए हैं कि जल्द से जल्द इस गड्ढे को भरें। वहां पर डंपिंग ग्राउंड से गंदा पानी सड़क पर आ रहा है, जिसकी वजह से बार-बार सड़क खराब हो रही है। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों से भी बातचीत की गई है। हालांकि, इस गड्ढे को पहले भरा जाएगा। - सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, यूटी प्रशासन