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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश: संदिग्ध की तलाशी से पहले उसे उसके अधिकारों की विस्तार से जानकारी देना अनिवार्य

Sat, 06 Nov 2021 02:18 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हाईकोर्ट ने कहा कि संदिग्ध को सिर्फ यह कह देना कि आपको अधिकार है पर्याप्त नहीं है। आरोपी को तलाशी से पहले उसके पूरे अधिकार विस्तार से बताना जरूरी होता है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसी संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी से पहले उसको उसके अधिकार के बारे में विस्तार में बताना अनिवार्य होता है और यदि ऐसा नहीं किया गया तो यह एनडीपीएस के सेक्शन 50 की अनिवार्यता को अधूरा बनाता है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एनडीपीएस के मामले में गिरफ्तार आरोपी को नियमित जमानत देते हुए यह आदेश जारी किया है।

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सोनीपत निवासी सुनील ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि उसे व उसके तीन साथियों को पुलिस ने सफेद पाउडर के साथ कथित तौर पर गिरफ्तार किया था। इस दौरान एनडीपीएस के सेक्शन 50 का पालन नहीं किया गया और उसे जो नोटिस दिया गया था उसमें अधिकारों का विस्तृत वर्णन नहीं था। उसे यह नहीं बताया गया कि वह चाहे तो राजपत्रित अधिकारी या मजिस्ट्रेट के सामने ही तलाशी का अधिकार रखता है। वह 21 जनवरी 2021 से हिरासत में है और ऐसे में उसे जमानत दी जानी चाहिए।
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एनडीपीएस के मामलों में सेक्शन 50 का पालन जरूरी
जमानत का विरोध करते हुए हरियाणा पुलिस ने कहा कि याची को गिरफ्तार करते हुए उसके अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि यह कह देना कि आपको अधिकार है पर्याप्त नहीं है। आरोपी को तलाशी से पहले उसके पूरे अधिकार विस्तार से बताना अनिवार्य होता है। इस मामले में आरोपी का कोई पिछला आपराधिक रिकार्ड नहीं है और सेक्शन 50 का पालन नहीं किया गया। 
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न्यायालय को विश्वास है कि उसे जमानत देने के बाद वह इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल नहीं होगा। न्यायालय ने इस मामले में स्पष्ट किया कि सेक्शन 50 का पालन करना एनडीपीएस के मामलों में अनिवार्य होता है और ऐसा न करने से आरोपियों के छूटने की संभावना बढ़ जाती है और न्यायालय यह विश्वास करने की तरफ बढ़ता है कि आरोपी निर्दोष हो सकता है।  

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