चंडीगढ़। नीट काउंसलिंग में देरी के चलते जीएमसीएच-32 के जूनियर व सीनियर रेजिडेंट चिकित्सक इमरजेंसी सेवाएं शुक्रवार से बाधित करने जा रहे हैं। वह इमरजेंसी में काम नहीं करेंगे। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक प्रदर्शन चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। मजबूरन इमरजेंसी सेवाएं बाधित करने का निर्णय लेना पड़ रहा है।
इस मांग को लेकर 6 दिसंबर से चिकित्सक कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं, लेकिन मांगों पर विचार नहीं हुआ तो फिर 9 दिसंबर को चिकित्सकों ने इमरजेंसी सेवाओं का बहिष्कार कर दिया। इससे मरीजों को परेशानी हुई। तमाम मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट करना पड़ा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी बंद कर दी गई थी।
चिकित्सकों का कहना है कि उनकी मांगों का सरकार पर कोई असर नहीं पड़ा है, इसलिए वह शुक्रवार से इमरजेंसी सेवाओं का बहिष्कार करने जा रहे हैं। इसका विकल्प क्या होगा, यह किसी को नहीं पता। चिकित्सकों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। वहीं, चिकित्सकों के समर्थन में अन्य संगठनों ने भी मौखिक समर्थन दिया है। कहा है कि चिकित्सकों की मांग जायज है। इसे अब तक पूरा करना चाहिए था। विद्यार्थियों का नुकसान नहीं होना चाहिए। समय पर पढ़ाई होनी चाहिए।
विभागाध्यक्ष रोस्टर बनाकर दें सेवाएं
जीएमसीएच-32 प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों से कहा कि वे पहले की तरह रोस्टर बनाकर कंसल्टेंट तैनात कर मरीजों को सेवाएं दें।