इसके तहत 28 अगस्त 2005 को एजेएल की ही 1982 की मूल दर पर प्लॉट अलॉट करने की फाइल पर साइन कर दिए गए। साथ ही कंपनी को छह महीने में निर्माण शुरू कर एक वर्ष में काम पूरा करने को कहा गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्लॉट को पुराने रेट पर अलॉट के आदेश दिए थे।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सीबीआई कोर्ट के समक्ष नहीं हुए पेश
हरियाणा के मानेसर में 900 एकड़ जमीन अधिग्रहण मामले में गुरुवार को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। लेकिन सुनवाई के दौरान मामले के आरोपी व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुए। बचाव पक्ष ने सीबीआई कोर्ट में पूर्व सीएम की तरफ से पेशी से छूट की अर्जी दायर की गई है।
उनके अलावा केस के अन्य सभी 33 आरोपी कोर्ट में पेशी पर पहुंचे। कोर्ट में गुरुवार को भी आरोपों पर बहस हुई। कोर्ट ने मामले की आगामी सुनवाई के लिए तीन अक्टूबर की तिथि निर्धारित की है। गौरतलब है कि मामले के आरोपी भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत 34 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की गई थी। अब पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट में केस की सुनवाई की जा रही है। आरोपी हुड्डा सहित एमएल तायल, छतर सिंह, एसएस ढिल्लों, पूर्व डीटीपी जसवंत सहित अन्य कई बिल्डरों का चार्जशीट में नाम है।