थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपनी बेटी की स्कूल की फीस जमा नहीं करा पाया था, जिस कारण उसकी पत्नी उसे रोज उलाहने देती थी। इससे तंग आकर उसने गला दबा कर बेटी की हत्या कर दी।
एक मात्र संतान थी असमीत कौर
असमीत कौर अपने मां-बाप की इकलौती संतान थी। मृतका असमीत कौर बहुत प्यारी और हाजिर जवाब होने के कारण अपने पिता जसबीर सिंह और मां हरजिंदर कौर ही नहीं बल्कि पूरे परिवार की लाडली थी। वह लाडवा के डीपीएस स्कूल में कक्षा एक की छात्रा थी। स्कूल निदेशक राजन वढेरा ने बताया कि वह स्कूल की सांस्कृतिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी।
आरोपी ने किया था प्रेम विवाह
आरोपी जसबीर सिंह उर्फ जस्सी ने पंजाब के थाना बटाला के गांव बलपुर्णिया की हरजिंदर कौर से प्रेम विवाह किया था। दोनों ने अपने घरवालों की मर्जी के खिलाफ विवाह किया था। इसलिए दोनों के ही परिवारों ने उनसे नाता तोड़ लिया था। बताया जाता है कि प्रेम विवाह के बाद जसबीर सिंह हरजिंदर कौर को लेकर करनाल आ गया और वहां किराये का मकान लेकर रहने लगा था। विवाह के दो साल बाद उसके घर बेटी होने वाली थी तो जसबीर सिंह के पिता ने उसे गांव दबखेड़ा बुला लिया और वहां अलग मकान दे दिया था, लेकिन हरजिंदर कौर के परिजनों ने उससे अभी तक नहीं अपनाया है।
ज्यादा फीस नहीं थी बकाया
मृतका असमीत कौर डीपीएस किड्ज स्कूल लाडवा में पहली कक्षा की छात्रा थी। स्कूल के निदेशक राजन वढेरा ने बताया कि असमीत कौर की केवल दो माह की फीस 3800 रुपये बकाया थी। उन्होंने बताया कि मृतका के पिता ने एक सप्ताह पहले ही फोन करके कहा था कि वह जल्दी ही फीस जमा करा देगा। मृतका की फीस आमतौर पर उसके दादा जमा कराने आते थे।