प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने 155 करोड़ रुपये के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत करनाल के एक व्यवसायी को गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अशोक कुमार मित्तल को हिरासत में लिया गया और मंगलवार को पंचकूला में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत में पेश किया गया। इसके बाद अदालत ने उन्हें चार दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया।
ईडी ने आरोप लगाया कि मित्तल ने जांच के दौरान सहयोग नहीं किया और उन्होंने प्रासंगिक सूचनाओं को छुपाने का सहारा लिया। एजेंसी के मुताबिक वह जांच को भी गुमराह कर रहे थे।
एजेंसी के अनुसार, मित्तल 'महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड के प्रमुख निदेशक हैं। उन्होंने बैंक अधिकारी के साथ मिलकर धोखाधड़ी से लेटर ऑफ क्रेडिट की सीमा 21 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 195 करोड़ रुपये कर दी है। बाद में इसे नकली आयात से सिंगापुर स्थित मित्तल की संबंधित संस्थाओं को भेज दिया गया था। उन्होंने बैंक को 155 करोड़ रुपये का गलत तरीके से नुकसान पहुंचाया और खुद को गलत तरीके से लाभ पहुंचाया। सीबीआई की एफआईआर के बाद मित्तल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला प्रकाश में आया।