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नहीं कैमरों का डर: चंडीगढ़ में चालक बेखौफ दौड़ा रहे वाहन, इनमें ज्यादा दूसरे राज्यों के लोग

Wed, 14 Sep 2022 05:09 PM IST
ajay kumar संदीप खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

कैमरे लगने के बाद कोई सिफारिश काम नहीं आ रही है। पुलिस अधिकारियों की गाड़ी का भी कैमरों से चालान किया गया है जबकि कई सरकारी गाड़ियों के भी चालान काटे जा चुके हैं। कैमरा एकदम चालान कर देता है और कुछ मिनटों में लोगों के पास संदेश पहुंच जाता है। कैमरे लगने से पुलिस का काम आसान हुआ है।
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चंडीगढ़ - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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चंडीगढ़ में रात के समय वाहन चालक बेखौफ होकर सड़कों पर तेज रफ्तार वाहन दौड़ा रहे हैं। रात के समय कैमरों से सबसे अधिक तेज रफ्तार और लालबत्ती तोड़ने के चालान कटे हैं। पुलिस के अनुसार, दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन चालकों के सबसे ज्यादा चालान हो रहे हैं जबकि चंडीगढ़ के लोग जान चुके हैं कि नियम तोड़ने पर कैमरे से चालान कट जाएगा। 

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ट्रैफिक पुलिस ने 27 मार्च से शनिवार तक एक लाख 59 हजार 584 चालान किए हैं। इसमें तेज रफ्तार के 71 हजार 519, लाल बत्ती तोड़ने के 71 हजार 02, जेब्रा क्रॉसिंग के 15 हजार 969 और बिना हेलमेट के 1094 लोगों के चालान किए हैं। इनमें ज्यादातर चालान का आंकड़ा रात का है। रात के समय 128 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से निकल रही गाड़ी कैमरे में भी कैद हो चुकी है। बता दें कि यह सिर्फ कैमरों से काटे हुए चालान का आंकड़ा है। पुलिस मैनुअल तरीके से ई-मशीन के जरिए भी चालान काट रही है। 

आठ बजे के बाद नहीं होता कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी
शहर में रात आठ बजे के बाद ट्रैफिक पुलिस का कोई भी कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं होता जबकि ट्रैफिक पुलिस के अनुसार सबसे ज्यादा ट्रैफिक नियम रात आठ बजे से सुबह सात बजे तक ही तोडे़ जाते हैं। हालांकि ट्रैफिक पुलिस और थाना पुलिस मिलकर शहर में कुछ जगहों पर ज्वाइंट नाके लगाती हैं लेकिन उन नाकों पर पुलिस ओवर स्पीड और लाल बत्ती के चालान नहीं काटती। 

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लाल बत्ती तोड़ते निकला बुलेट सवार
चंडीगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि शनिवार तड़के करीब चार बजे वह परिवार के साथ श्री नाडा साहिब जा रहे थे। जब वह हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट के पास पहुंचे तो बुलेट सवार एक युवक बिना हेलमेट बिना लाल बत्ती पर रुके एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट तक पहुंच गया। वह किसी भी लाल बत्ती पर नहीं रुका। 

कैमरों के आगे नहीं चलती सिफारिश 
कैमरे लगने के बाद कोई सिफारिश काम नहीं आ रही है। पुलिस अधिकारियों की गाड़ी का भी कैमरों से चालान किया गया है जबकि कई सरकारी गाड़ियों के भी चालान काटे जा चुके हैं। कैमरा एकदम चालान कर देता है और कुछ मिनटों में लोगों के पास संदेश पहुंच जाता है। कैमरे लगने से पुलिस का काम आसान हुआ है।

कैमरे लगने के बाद रात के समय हुए पांच यह बडे़ हादसे 
16 अगस्त को सेक्टर 52/53 डिवाइडिंग रोड पर देर रात तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार सरकारी स्कूल की दीवार में जा घुसी थी। गाड़ी दीवार को तोड़ते हुए अंदर जा घुसी और सभी एयरबैग खुल गए थे। हादसे में कार सवारों को चोटें आई थीं। 3 सितंबर को सेक्टर-19/27/28/7 चौक पर तड़के बीएमडब्लयू कार सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई थी। गाड़ी के एयरबैग खुल गए थे।

कार सवारों को चोटें आई थीं। इससे पहले शराब पीकर टाटा सफारी चला रहे हिमाचल के युवक ने सेक्टर-16 स्थित स्मॉल चौक को तोड़ते हुए गाड़ी ऊपर चढ़ा दी थी। इस हादसे से कुछ दिन पहले सेक्टर 41/42 चौक पर जीप चौक को तोड़ते हुए चौक के बिल्कुल सेंटर में पहुंच गई थी। हादसे में युवक और युवती के पैर में गंभीर चोटें आई थीं। पिछले महीने देर रात एक आई-20 कार हादसे के दौरान मटका चौक पर चढ़ गई थी।
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