उन्होंने बताया कि ये दोनों स्ट्रेन तेजी से फैलते हैं। 3000 से ज्यादा दिल्ली के शोध संस्थान में भेजे नमूनों से इनकी पुष्टि हुई है। आईजीआईबी संस्थान जीनोम सिक्वेंसिंग करता है। उसमें यह पाया गया कि दोनों वायरस प्रदेश में सक्रिय हैं। ये तेजी से फैलते हैं, इसलिए इनके संक्रमितों के संपर्क में आने वालों की तलाश तेज की गई है। संक्रमण बढ़ने का एक बड़ा कारण लोगों की लापरवाही है।
24 घंटे से कम में जांच रिपोर्ट देने पर जोर
डॉ. उषा गुप्ता ने कहा कि जो कोविड रिपोर्ट 3-4 दिन में मिल रही थी। उसे अब 24 से 36 घंटों के बीच दे रहे हैं। सरकार व स्वास्थ्य विभाग का मुख्य जोर इसे 24 घंटों के भीतर देने पर भी रहेगा। रैपिड एंटीजन टेस्टिंग भी प्रदेश में बढ़ाई गई है। अभी प्रदेश में 1 लाख नमूनों की जांच की व्यवस्था है। सरकार और जांच लैब के साथ एमओयू करने की संभावनाएं तलाश रहा है। उन्होंने लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इसे संक्रमण की चेन तोड़ने और लोगों की जान की सुरक्षा के लिए ही लगाया गया है।