पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर की हत्या का मामला तूल पकड़ चुका है। देशभर के डॉक्टर इसके खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं। चंडीगढ़ में भी इसका कड़ा विरोध हो रहा है।
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या के बाद चंडीगढ़ में डॉक्टर्स का प्रदर्शन लगातार जारी है। शुक्रवार को पीजीआई में रेजिडेंट डॉक्टर ने सुबह ही एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वहीं पीजीआई में नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा उत्तराखंड एवं वेस्ट बंगाल की घटनाओं को लेकर मार्च निकाला एवं कैंडल लाइट प्रदर्शन कर यह प्रदर्शन पीजीआई के अंदर ही था।
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प्रदर्शन में पहुंचीं महिला रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपने एप्रन पर खून के धब्बे लगाए हुए हैं, वही प्रदर्शन के दौरान रेजिडेंट डॉक्टर मरीजों को घटनाक्रम की जानकारी देकर उनके भी विचार ले रहे हैं। वह मरीजों से ही पूछ रहे हैं कि एक महिला डॉक्टर की निर्ममता से हत्या कर दी गई है इसलिए वे प्रदर्शन कर रहे हैं, क्या ऐसा करना गलत है।
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डॉक्टरों का कहना है कि वह नहीं चाहते कि मरीजों को किसी तरह की परेशानी हो लेकिन वह न्याय लेकर रहेंगे। दूसरी तरफ जीएमसीएच 32 में भी रेजिडेंट डॉक्टरों का लगातार प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने ओपीडी के प्रत्येक फ्लोर पर घूम घूम कर नारेबाजी की और न्याय की मांग की। रेजिडेंट डॉक्टरों को फैकल्टी संगठन, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ ही विभिन्न चिकित्सकीय संघ का समर्थन मिल चुका है।
आज फॉलोअप मरीज भी नहीं देखे जायेंगे
पीजीआई रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को समर्थन देते हुए पीजीआई फैकल्टी एसोसिएशन ने शनिवार को ओपीडी सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने मरीजों से अपील की है कि वह फॉलो अप में भी दिखाने के लिए पीजीआई न आएं। क्योंकि वह ओपीडी में बैठकर मरीज देखने की बजाय रेजिडेंट डॉक्टर के साथ प्रदर्शन में शामिल होंगे। वहीं आपातकालीन सेवाएं पहले की तरह जारी रहेगी।