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ढींगरा आयोग की रिपोर्ट आने से पहले ही विवादों में, सियासी घमासान

Thu, 30 Jun 2016 08:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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रॉबर्ट वाड्रा - फोटो : file photo
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हरियाणा में वाड्रा-डीएलएफ लैंड डील की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही विवादों में आ गई है। रिपोर्ट को लेकर प्रदेश में सियासी घमासान शुरू हो गया है। रिपोर्ट आने से पहले ही हुड्डा खेमे ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। मामला गांधी परिवार के दामाद से जुड़ा होने के कारण इसकी आंच दिल्ली में सत्ता के गलियारों तक पहुंच गई है।
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दूसरी तरफ राबर्ट वाड्रा ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि पिछले करीब एक दशक से सरकारों द्वारा उन्हें झूठे व आधारहीन सवालों में घेरकर निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन आरोप लगाने वालों के पास कोई प्रमाण नहीं है। वह कुछ भी साबित नहीं कर सके हैं। मेरा हमेशा से ही राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसके बावजूद मैं अपनी सच्चाई के साथ आगे बढ़ रहा हूं।

विपक्ष के नेता अभय चौटाला ने भी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि ढींगरा आयोग के गठन में कई तरह के वैधानिक नियमों का उलंघन किया गया है। इनेलो लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रही है। भाजपा प्रदेश वासियों की आंखों में धूल झोंक कर इस आयोग के माध्यम से हुड्डा को बचाना चाहती है।
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कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि ढींगरा आयोग का गठन किसी घोटाले की जांच के लिए नहीं बल्कि राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया गया था। जिस तरह से यह आयोग बेमायने है उसी तरह से इसकी रिपोर्ट भी निराधार होगी।

आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष नवीन जयहिंद ने कहा कि इस समय बड़ा सवाल यह है कि क्या भाजपा सरकार हुड्डा और राबर्ट वाड्रा को जेल भेजेगी। उन्होंने चुनाव से पहले और बाद में प्रदेश की जनता के साथ वादा किया था। इससे पहले प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट भी आई थी लेकिन उसका भी कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया।
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