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बारिश शुरू होते डायरिया का खतरा बढ़ा, घबराएं नहीं, ऐसे करें बचाव

Sun, 03 Jul 2016 08:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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डायरिया - फोटो : फाइल फोटो
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मानसून के आते ही बारिश होने से डायरिया का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में घबराएं नहीं, बल्कि रोकथाम के उपाय करके बचाव करें। डाक्टरों और विशेषज्ञों का कहना है कि बरसाती सीजन में सबसे ज्यादा डायरिया फैलने का खतरा रहता है। इस मौसम में आई नमी, गड्ढों और पोखरों में जमा पानी में बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीव तेजी से पनपते हैं।
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डायरिया होने पर लगातार दस्त और उल्टियां आती हैं। इससे शरीर में पानी और नमक की कमी होती है और परेशानी इस कदर बढ़ जाती है कि लोगों को अस्पताल का रुख करना पड़ता है। लापरवाही बरतने पर लोगों को मौत तक हो जाती है।

डायरिया का कारण
1. दूषित पानी पीने से
2.वायरल इन्फेक्शन
3. पेट में बैक्टीरिया का संक्रमण
4. शरीर में पानी की कमी से
4. आस-पास सफाई ठीक से न होने से
5. कटे फल को खाने से
6. पीने वाले पानी के कंटेनर की सफाई न होना

डायरिया के लक्षण
दिन में लगातार तीन से अधिक बार पतली दस्त आना डायरिया का मुख्य लक्षण होता है। इसे क्रोनिक डायरिया कहते हैं। समय पर इलाज न होने पर यह खतरनाक होता है। पेट में तेज दर्द, पेट में मरोड़, उल्टी आना, जल्दी-जल्दी दस्त आना, बुखार आना, कमजोरी महसूस करना और आंखें धंस जाना इसके प्रमुख लक्षण होते हैं।
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यह है इलाज
डायरिया का इलाज सस्ता और काफी आसान है। रोगी को तुरंत ओआरएस या चीनी, नमक और नींबू पानी के घोल को लेना चाहिए। यह घोल आसानी से आंतों द्वारा अवशोषित कर लिया जाता है और शरीर में एलेक्ट्रोलाइट्स कि कमी को पूरा करता है। जल्द से जल्द डाक्टरों को दिखाना चाहिए।
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