चंडीगढ़। तत्कालीन डीजीपी पंजाब सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय के हस्ताक्षर कर 11 पुलिसकर्मियों की फर्जी पदोन्नति सूची जारी करने के मामले में गिरफ्तार डीजीपी के पीए कुलविंदर सिंह को एसआईटी ने शनिवार को अदालत में पेश किया। पुलिस ने आरोपी का दस दिन का रिमांड मांगा, लेकिन केवल तीन दिन का ही रिमांड मिला। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है कि आखिर यह फर्जीवाड़ा कब से चल रहा था और इसमें कौन-कौन शामिल है।
पुलिस के अनुसार, फर्जी पदोन्नति सूची जारी करने की जानकारी कुलविंदर सिंह को थी और उसी ने सूची जारी करवाने में मास्टरमाइंड हरविंदर सिंह की मदद की थी। बता दें कि कुलविंदर सिंह पंजाब के डीजीपी रहे इकबाल प्रीत सहोता के समय में उनका पीए लगा था। उसके बाद से वह डीजीपी पंजाब का पीए था। पुलिस को सोहाना थाने के उप निरीक्षक हरविंदर सिंह और उसके बेटे के अलावा हवलदार से एएसआई बने खरड़ थाने के मुंशी संजीव कुमार और एक अन्य की तलाश में है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
आज पांचों आराेपियों को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी पुलिस
इस मामले में अब तक मोहाली फेज-6 निवासी व डीजीपी दफ्तर में तैनात सुपरिंटेंडेंट संदीप कुमार (55), हवलदार मानी कटोच (33), चंडीगढ़ सेक्टर-39 निवासी डीजीपी दफ्तर में तैनात सुपरिंटेंडेंट बहादुर सिंह (52), मोहाली के थ्री बी टू निवासी बर्खास्त उपनिरीक्षक सरबजीत सिंह (47) और फाजिल्का निवासी साइबर सेल मोहाली में तैनात निरीक्षक सतवंत सिंह (48) की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस आरोपियों को चार दिन के रिमांड के बाद रविवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी।