भ्रष्टाचार, प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : un hindi samachar
हरियाणा सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों, कर्मचारियों पर और तेजी से शिकंजा कसेगी। चंडीगढ़-पंचकूला मुख्यालय से लेकर सभी 22 जिलों के कार्यालयों में तैनात स्टाफ पर पैनी नजर रखी जा रही है। खुफिया एजेंसियों की सूचना के आधार पर संदिग्ध आचरण वाले कर्मियों की सूचियां भी तैयार की गई हैं।
बिजली वितरण निगमों और परिवहन विभाग की व्यवस्था दुरुस्त करने के बाद अब डीजी विजिलेंस शत्रुजीत कपूर पर भ्रष्ट अफसरों, कर्मियों पर कार्रवाई का जिम्मा सौंपा गया है। उन्होंने मुख्यालय स्तर पर अपनी टीम भी बना ली है। साथ ही हिसार में भी डीआईजी स्तर की नियुक्ति कराई है। अब वह टीम के साथ मिलकर प्रदेश मुख्यालय व जिलों में कार्रवाई को अंजाम देना शुरू करेंगे।
बीते 3 सितंबर को उन्हें प्रधान सचिव, परिवहन विभाग के बजाय विजिलेंस का महानिदेशक लगाया गया था। उसके बाद वह भ्रष्टाचार से जुड़े बड़े मामलों के अलावा जिलों में होने वाले भ्रष्टाचार की तह तक जाने में लगे थे। उनके ऊपर परिवहन विभाग के फर्जी टिकट मामले, टोल प्लाजा फर्जी बिलिंग, बीज विकास निगम, महिला एवं बाल विकास विभाग, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति सहित अन्य बड़े मामलों का सच और इनमें शामिल बड़ी मछलियों को बेनकाब करने का भी दारोमदार है।
यह भी पढ़ें : भाजपा नेता बीरेंद्र सिंह ने कहा: भारत बंद से साबित हो गया किसान आंदोलन से हर वर्ग जुड़ा, सरकार को करनी चाहिए वार्ता
उन्होंने अपनी नई टीम में एडीजीपी मुख्यालय के पद पर आईपीएस कला रामचंद्रन को चुना है। इसके अलावा हिसार में डीआईडी स्टेट विजिलेंस ब्यूरो का जिम्मा शिवचरण को सौंपा है। बड़े मामलों की जांच मुख्यालय स्तर पर करने की जिम्मेदारी एसपी अभिषेक जोरवाल, हिमांशु गर्ग व राजेश फोगाट पर रहेगी। कपूर ने अपनी टीम में विश्वास पात्र व हार्ड कोर अफसरों को शामिल किया है।