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किसानों की घर वापसी : टीकरी बॉर्डर पर पक्के बैरिकेड तोड़े, कीलें उखाड़ीं, कुंडली बॉर्डर पर 15 से सुचारू होगा आवागमन

Sun, 12 Dec 2021 12:28 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़/सोनीपत (हरियाणा)

सार

एक साल बाद किसान दिल्ली की सीमाओं से अपने घर लौटने लगे हैं। अब दिल्ली और हरियाणा के बीच बंद रास्ते भी खुलने वाले हैं। बैरिकेड को हटाना शुरू कर दिया गया है। जल्द ही टीकरी और कुंडली बॉर्डर लोगों के लिए खुल जाएंगे। किसान आंदोलन की वजह से पिछले एक साल से दोनों बॉर्डर बंद थे।
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टीकरी बॉर्डर पर अवरोध को तोड़ती जेसीबी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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टीकरी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग और पक्के अवरोधकों को हटाने का काम शुरू कर दिया ताकि जल्द ही आवागमन बहाल किया जा सके। दो जेसीबी मशीन व एक क्रेन को इस काम में लगाया गया। देर रात तक अवरोधकों को हटाने का काम चल रहा था।

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दिल्ली पुलिस ने करीब एक साल पहले बॉर्डर पर मल्टीलेयर बैरिकेडिंग लगाकर हाईवे को बंद कर दिया था। 26 जनवरी को दिल्ली की गणतंत्र ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद से किसानों की आवाजाही को प्रतिबंधित करने के इरादे से स्पाइक्स भी लगाए गए थे। किसानों ने मुख्य मंच बॉर्डर के साथ बनाया हुआ था, जहां हर रोज किसान धरना देकर अपने आंदोलन को आगे बढ़ाते थे।

टीकरी बॉर्डर पर हाईवे पर पांच फीट लंबा रास्ता 30 अक्तूबर को खोला गया था, जिससे सिर्फ दोपहिया वाहन, पैदल चलने वाले और एंबुलेंस को सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक आने-जाने का रास्ता दिया जाता था। यह कार्रवाई उच्चतम न्यायालय में एक मामले की सुनवाई के दौरान वाहनों के आवागमन के लिए राजमार्ग के एक किनारे को खोलने को लेकर बहादुरगढ़ में हरियाणा, दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और किसानों की संयुक्त बैठक के बाद की गई थी। 

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बॉर्डर पर स्थित एक पेट्रोल पंप के कर्मचारी ने बताया कि पंजाब के किसानों के घर के लिए रवाना होने के बाद सुबह दो जेसीबी मशीनों को बॉर्डर पर बुलाया गया। कंक्रीट बैरिकेडिंग बहुस्तरीय है इसलिए राजमार्ग से बोल्डर और कंक्रीट की दीवार को हटाने का काम अभी जारी है। केवल दो पहिया वाहनों, पैदल चलने वालों और एंबुलेंस को सीमा पार करने की अनुमति दी जा रही है। सीमा पर मुख्य मंच को भी तोड़ा जाना बाकी है। हालांकि, किसानों ने आज सुबह सीमा के पास कुछ झोपड़ियों को हटा दिया था। 

                                                    बैरिकेड हटाते कर्मचारी। 

किसानों ने निकाला विजय जुलूस
किसानों ने सुबह टीकरी सीमा से विजय जुलूस निकाला। उन्होंने इस पल का जश्न मनाने के लिए अपने वाहनों को झंडों और फूलों से सजाया। जुलूस में जखोदा मोड़ पर भी काफी संख्या में वाहन शामिल हुए। मोगा के गुरजट सिंह ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए किसी त्योहार से कम नहीं है क्योंकि हम सबसे कठिन लड़ाई जीतकर घर वापस जा रहे हैं। हम एक साल पहले हरियाणा पुलिस का मुकाबला करके और रास्ते में कई बाधाओं को पार करके यहां पहुंचे थे लेकिन अब एक विजेता के रूप में वापस जा रहे हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि पुलिस भी हमें शुभकामनाएं दे रही है।

कुंडली-सिंघु बॉर्डर से कंक्रीट की दीवार व बैरिकेड हटाना शुरू, 15 से सुचारू होगा आवागमन
शनिवार को कुंडली बॉर्डर लगभग खाली हो गया है। अब कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर दिल्ली की तरफ बनी कंक्रीट की दीवारों को हटाया जाएगा, जिसके लिए शनिवार दोपहर को दिल्ली पुलिस ने निरीक्षण कर दीवारों को तुड़वाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। बॉर्डर पर पत्थरों के बैरिकेड के साथ तीन लेयर की मोटी दीवार बनाई गई थी। साथ ही दीवारों पर कांटेदार तार लगाने के साथ ही एक मोटी लेयर पर कील लगाई गई थी। 

इन्हें हटाकर आवागमन शुरू किया जाएगा। वहीं, नेशनल हाईवे (एनएच)-44 पर कुंडली बॉर्डर से मलबा हटाने का काम भी शुरू हो गया है। तीन दिन में मरम्मत कर मार्ग को शुरू किया जाएगा। आंदोलन की शुरुआत में 26 नवंबर, 2020 को जब किसान कुंडली बॉर्डर पर पहुंचे थे तो उन्हें रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने हर तरह का इंतजाम किया था। कंक्रीट की मोटी दीवार बना दी गई थी, जिससे कोई भी वाहन दिल्ली सीमा में प्रवेश न कर सके। यही नहीं, आखिरी लेयर पर कीलें भी लगा दी गईं थीं। इसके बाद किसानों ने कुंडली बॉर्डर पर ही आंदोलन शुरू कर दिया था। 

                                             किसानों के जाने के बाद खाली पड़ा जीटी रोड।

मलबा हटाने का काम शुरू 
शनिवार को किसानों की रवानगी के साथ ही एनएच-44 पर कुंडली बॉर्डर को खोलने की कवायद तेज हो गई है। दिल्ली पुलिस ने दीवारों को तुड़वाने से पहले निरीक्षण कर मसौदा तैयार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दो दिन के भीतर ही दीवारों को हटाने का काम पूरा किया जाएगा। इधर, एनएच-44 पर किसानों के जाने के बाद फैला मलबा भी हटाने का काम तुरंत शुरू करवा दिया गया है। 

एनएच-44 के चौड़ीकरण का काम जारी होने के कारण मुख्य लेन पूरी तरह से टूटी है। उन पर निर्माण कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। इस बीच दोनों तरफ की सर्विस लेन को इस लायक बनाया जा सकेगा कि वहां से वाहन दिल्ली के लिए आवागमन कर सकें। एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) की तरफ से रविवार से दोनों ओर के सर्विस लेन के गड्ढों को मिट्टी व पत्थरों से भरने का काम किया जाएगा। 
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तीन दिन में भरे जाएंगे गड्ढे, सभी को मिलेगी राहत 

एनएचएआई ने एनएच-44 (कुंडली बॉर्डर) के दोनों तरफ सर्विस लेन के गड्ढों को भरने के लिए 3 दिन का समय तय किया है। माना जा रहा है कि मंगलवार शाम तक या बुधवार सुबह से सर्विस लेन के सहारे दिल्ली में आवागमन किया जा सकेगा। रास्ता खुलने से दोनों तरफ के ढाबा संचालकों, प्रतिष्ठान मालिकों, दुकानदारों व मॉल संचालकों को राहत मिल सकेगी। 

एनजीटी के आदेश हटते ही शुरू हो सकेगा काम 
बढ़ते प्रदूषण के चलते एनजीटी की तरफ से निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है। जल्द निर्माण कार्य खुलने की उम्मीद है। ऐसे में सोमवार से मरम्मत भी शुरू हो सकेगी। वहीं, एनएच-44 का रुका काम भी शुरू होने के आसार हैं। 
किसानों के जाते ही रविवार से दोनों तरफ की सर्विस लेन के गड्ढों को मिट्टी व पत्थरों से भरने का काम शुरू कर दिया जाएगा। मंगलवार शाम या बुधवार सुबह तक सर्विस लेन का इस्तेमाल आवागमन में किया जा सकेगा। दीवार तुड़वाने का काम दिल्ली पुलिस का है। दीवार टूटते ही वहां भी मरम्मत का काम शीघ्र पूरा कर लेंगे। निर्माण कंपनी की एक मशीन यहां से 44 किलोमीटर दूर व दूसरी 23 किलोमीटर दूर खड़ी है। दोनों मशीनों को रविवार को ही कुंडली बॉर्डर पर मंगवाया जाएगा और काम शुरू करवा दिया जाएगा। - आनंद दहिया, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई, सोनीपत। 
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