बीमा क्लेम अदा न करने पर उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को इंश्योर्ड डेक्लेयर्ड वैल्यू छह लाख दस हजार 925 रुपये 12 प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करे।
सेवा में कोताही के लिए 50 हजार रुपये मुआवजा और 15 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे। आदेश की प्रति मिलने के एक महीने के अंदर निर्देश का पालन न करने पर 18 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज अदा करना होगा।
यह निर्देश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 की सदस्य प्रीति मलहोत्रा ने सुनवाई के बाद दिया है। प्रीतपाल कौर निवासी सेक्टर-9 चंडीगढ़ ने सेक्टर-17 स्थित यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी। शिकायत में प्रीतपाल ने कहा कि उन्होंने अपनी कार का यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से बीमा कराया था। उनकी कार का 2/3 नवंबर 2013 को एक्सीडेंट हो गया।
इस संबंध में बीमा कंपनी को उन्होंने तुरंत सूचना दी। बीमा कपंनी ने सर्वेयर नियुक्त किया। सर्वेयर के अनुसार छह लाख 77 हजार 964 रुपये का टोटल लॉस था। शिकायतकर्ता ने बीमा क्लेम के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज के साथ आवेदन किया। कई बार बीमा कंपनी के कार्यालय भी गए। लेकिन बीमा कंपनी ने न तो क्लेम दिया और न ही क्लेम को रिजेक्ट किया। दो वर्ष तक केवल आश्वासन ही देते रहे।
बीमा कंपनी ने उपभोक्ता फोरम को बताया कि शिकायतकर्ता ने एक्सीडेंट के 20 दिनों के बाद सूचना दी। कार ड्राइवर के पास वैध और इफेक्टिव ड्राइविंग लाइसेंस नहीं थी। उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।