भाजपा की चंडीगढ़ प्रभारी आरती मेहरा का बयान विवादित हो गया है। शनिवार को
नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान मेहरा ने भरी सभा में कहा था कि ‘मजबूरी का
नाम महात्मा गांधी है और मजबूती का नाम नरेंद्र मोदी’।
वहीं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष संजय टंडन ने मेहरा के बचाव में आकर कहा कि यह एक प्रचलित शब्द है और इसमें गांधी जी के अपमान की भावना नहीं है। टंडन ने कहा कि इन दोनों बातों के अलग-अलग मतलब हैं।
आमतौर पर लोग मुहावरे के तौर पर ऐसा कहते हैं। टंडन ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोग इसका गलत मतलब ले रहे हैं।
कांग्रेस ने फूंका मोदी का पुतला
कांग्रेस कालोनी सेल ने रविवार को रामदरबार में नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। इस मौके पर सेल के चेयरमैन शशि शंकर तिवारी और पार्षद और पूर्व डिप्टी मेयर सतीश कैंथ भी मौजूद थे।
कैंथ ने मोदी की तीखे शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि आरती मेहरा ने राष्ट्रपिता के लिए इतने बुरे शब्द कह दिए और मोदी ने कुछ नहीं कहा। कैंथ ने कहा कि मोदी को इसके लिए देशभर से माफी मांगनी चाहिए।
आरती मेहरा अपने शब्दों में मोदी की मजबूती को बयां कर रही थीं। उन्होंने जो शब्द कहे, उनमें गांधी जी के अपमान की भावना नहीं थी। इसके पीछे की मंशा गलत नहीं थी। गांधी जी का हम सम्मान करते हैं और देश के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
सत्यपाल जैन, पूर्व सांसद
भाजपा