घर से चोरी होने के बाद बीमा कंपनी के क्लेम न देने पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने बीमा कंपनी को सेवा के कोताही का दोषी माना है।
फोरम ने बीमा कंपनी को शिकायतकर्ता को क्लेम के एक लाख 90 हजार रुपये अदा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से ब्याज भी अदा करने को कहा है। इसके अलावा 40 हजार रुपये मुआवजा और 11 हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करना होगा।
यह आदेश उपभोक्ता फोरम एक के अध्यक्ष पीएल आहूजा, सदस्य रजिंदर सिंह गिल और सुरजीत कौर ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिया।
शिकायतकर्ता निवासी सेक्टर-11 चंडीगढ़ जगदीश राय मित्तल, उनकी पत्नी विमल मित्तल, बेटा अनुज मित्तल ने संयुक्त रूप से न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड सेक्टर-34, इसके डिविजनल मैनेजर और चेयरमैन के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत की थी।
शिकायत में कहा गया था कि उन्होंने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से एक हाउस होल्डर्स इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। इसके बाद उनके घर में 25 मार्च 2012 को चोरी हो गई। उनके अनुसार कुल दो लाख 55 हजार नौ सौ का सामान चोरी हुआ। इस संबंध में पुलिस में रिपोर्ट कराई गई और बीमा कंपनी को आवश्यक दस्तावेज भी दिए, लेकिन बीमा क्लेम नहीं दिया।