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पंजाब में बिजली संकट: शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती शुरू, तीन थर्मल प्लांटों की चार यूनिटों में उत्पादन ठप

Sat, 09 Oct 2021 06:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

आने वाले दिनों में पंजाब में बिजली संकट गहरा सकता है। तीन थर्मल प्लांटों की चार यूनिटों में उत्पादन ठप हो गया है। वहीं दो थर्मल प्लांट की चार यूनिटों को आधी क्षमता के साथ चलाया जा रहा है। इन प्लांटों में कुछ ही समय का कोयला शेष बचा है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
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विस्तार
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पंजाब के थर्मल प्लांटों में कोयले की भारी कमी का असर अब बिजली सप्लाई पर पड़ने लगा है। अभी तक किसानों को ही धान की फसलों के लिए दिन में आठ घंटे के बजाय मुश्किल से चार से पांच घंटे बिजली मिल पा रही थी। इसी बीच शनिवार को गांवों के साथ-साथ शहरों के घरेलू उपभोक्ताओं को भी बिजली की कमी के चलते कटों का सामना करना पड़ा। 

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उधर बिजली के इस गंभीर संकट के बीच पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) ने शनिवार को कोयले की कमी का हवाला देते हुए उपभोक्ताओं को बिजली की बचत करने की अपील की है। आंकड़ों के मुताबिक रोपड़ थर्मल प्लांट में इस समय चार दिन का, लहरा मुहब्बत में भी चार, वहीं तलवंडी साबो में मात्र एक, राजपुरा में भी एक और गोइंदवाल में आधे दिन से भी कम का कोयला बचा है। 

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कई यूनिट बंद, कुछ को आधी क्षमता से चलाया जा रहा
नियमों के मुताबिक थर्मल प्लांट में 25 से 30 दिन का कोयला होना जरूरी है। कोयले की इस भारी कमी के मद्देनजर पावरकॉम ने रोपड़ की चार में से दो और लहरा मुहब्बत की एक यूनिट को बंद कर दिया गया है। वहीं शनिवार को तलवंडी साबो की भी एक यूनिट बंद कर दी गई है। अब तलवंडी साबो प्लांट की दो यूनिट को आधी क्षमता के साथ चलाया जा रहा है। इसी तरह से गोइंदवाल साहिब की दोनों यूनिटों को आधी क्षमता पर कर दिया गया है। 

उत्पादन कम, खपत ज्यादा
पावरकॉम को शुक्रवार के 3488 मेगावाट के मुकाबले शनिवार को प्राइवेट थर्मल प्लांटों से 2297 मेगावाट बिजली ही मिली, जबकि सरकारी थर्मलों से मात्र 934 मेगावाट और हाइडल से 228 मेगावाट बिजली मिली। शनिवार को बिजली की मांग 8000 मेगावाट के करीब रही। बिजली उत्पादन कम होने के कारण पावरकॉम को बाहर से 3000 मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ी। खास बात यह है कि पावरकॉम बाहर से 6800 मेगावाट तक बिजली खरीद सकता है लेकिन इन दिनों पूरे देश में ही कोयले के संकट की वजह से बिजली पैदावार कम हो रही है। इसलिए बाहर से कम बिजली मिल पा रही है।
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गावों में चार घंटे तक की कटौती
मांग के मुकाबले बिजली की उपलब्धता कम होने के कारण पावरकॉम को कट लगाने पड़े। शहरों में जहां दो से तीन घंटे तक के कट लगे, वहीं गांवों में तीन से चार घंटे की बिजली कटौती का लोगों को सामना करना पड़ा। उधर, इस गंभीर संकट को देखते हुए पावरकॉम ने उपभोक्ताओं से बिजली की बचत के लिए एसी बंद करने और लाइटों व अन्य बिजली उपकरणों का संयम से इस्तेमाल करने की अपील की है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में बिजली के लंबे कट के लिए लोग तैयार रहें।

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