चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग विभाग के ताले छात्रों के लिए नहीं खुले हैं, जबकि यह सबसे बड़ा विभाग है और इस विभाग के जरिए पीयू की साख भी जुड़ी है। इस कारण छात्रों में आक्रोश है। पीयू कहता है कि इंजीनियरिंग विभाग को खोलने के आदेश नहीं हैं। वहीं छात्रों ने पीयू को आदेश की कॉपियां भेजी हैं। छात्रों ने साफ कह दिया कि कंपनियां प्रशिक्षित इंजीनियर चाहती हैं। दो साल से छात्र अधिक प्रशिक्षित नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में छात्रों का भविष्य बचाने के लिए विभाग खोला जाए।
इंजीनियरिंग विभाग में तीन हजार से अधिक विद्यार्थी हैं। शिक्षकों की संख्या भी यहां सर्वाधिक है। तकनीकी रूप से समृद्ध होने के कारण विभाग ने ऑनलाइन शिक्षा में भी बेहतर कार्य किया और दूसरे विभागों की भी मदद की। इस विभाग से हर साल 500 से अधिक इंजीनियरिंग छात्र पासआउट होते हैं। अधिकांश की नौकरियां बड़ी-बड़ी कंपनियों में लग जाती है, लेकिन कोरोना काल के बाद छात्रों के प्रैक्टिकल प्रभावित हो रहे हैं। शिक्षक कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पूरी तरह कामयाबी तभी मिलेगी, जब विद्यार्थी विभाग में आएंगे। इसी मुद्दे को छात्रों ने उठाया है। एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने कहा कि एआईसीटीई के साफ निर्देश हैं कि राज्य सरकार की अनुमति मिलने पर विभाग खोले जा सकते हैं। यहां कोरोना से हालात ठीक हैं। ऐसे में पीयू को विभाग के द्वार खोलने चाहिए।
सीसीईटी में ऑनलाइन पढ़ाई 27 से होगी
सीसीईटी डिग्री विंग ने अपने इंजीनियरिंग विद्यार्थियों के लिए कैंपस 23 सितंबर से खोल दिया है। पहले यह प्रयोगशालाओं में कार्य करेंगे और छात्रावासों में रहेंगे। उसके बाद 27 सितंबर से इनकी पढ़ाई ऑनलाइन शुरू होगी, क्योंकि कक्षाओं में एक साथ विद्यार्थियों को बैठना संभव नहीं हो पाएगा। प्रयोगशालाओं में भी रोस्टर के मुताबिक विद्यार्थियों को बुलाया गया है। हालांकि व्यवस्थाएं सभी ठीक होने के बाद कक्षाएं भी ऑफलाइन शुरू हो जाएंगी।