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Haryana Assmebly Election: आप के बाद सपा से भी नहीं होगा कांग्रेस का गठबंधन! इस कारण अटकेगी बात

Tue, 10 Sep 2024 12:27 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा में पांच अक्तूबर को मतदान होना है। 12 सितंबर नामांकन की अंतिम तारीख है। चुनाव के लिए कांग्रेस, सपा और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन की चर्चाएं थीं। लेकिन आप अब अकेले ही मैदान में उतर रही है। इसके साथ ही सपा-कांग्रेस के बीच भी बात नहीं बन पा रही है। 
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव। - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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हरियाणा में अब कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी के गठबंधन पर भी इन्कार हो चुका है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तरफ से हरियाणा के सपा नेताओं को इसका इशारा भी मिल चुका है कि गठबंधन के बगैर पार्टी चुनाव नहीं लड़ेगी, लेकिन इसका प्रभाव यूपी में कांग्रेस-सपा गठबंधन पर जरूर पड़ेगा।

इसी बीच सपा के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र भाटी ने वीडियो जारी कर कांग्रेस को चेतावनी दी है। कहा-कांग्रेस ने अच्छा नहीं किया, अब आगामी चुनावों में खामियाजा भुगतने को तैयार रहें। गठबंधन होने की स्थिति दो सीटों पर सपा के उम्मीदवार अपना चुनावी एफिडेविट तैयार करके बैठे थे। उत्तर प्रदेश के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया था। इसी के सहारे हरियाणा चुनाव में कांग्रेस के साथ सपा 11 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना तैयार कर ली। इसमें अहीरवाल बेल्ट की यादव और मुस्लिम बाहुल्य सीटें शामिल थी। राज्य में तकरीबन 16 लाख प्रवासी मतदाता हैं, जिसमें सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के मूल निवासी है। यहां अपना वोट बैंक बताकर सपा 11 सीटें मांग रही थी।
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11 से दो सीट पर पहुंची सपा

हरियाणा कांग्रेस इकाई की तरफ से शुरुआत में सपा को एक भी सीट देने से इन्कार कर दिया गया था। हालांकि कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल और अखिलेश यादव के बीच गठबंधन पर मंथन होने के बाद सपा पांच सीट पर आ गई। बाद में सपा दो सीट जुलाना, हथीन और वैकल्पिक सोहना की सूची कांग्रेस को सौंपी थी।

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दो सीटें देने की चल रही थी बात 

कांग्रेस की तरफ से समाजवादी पार्टी को दो सीटें देने की बात कही जा रही थी। इसमें एनसीआर में शामिल हथीन और सोहना विधानसभा सीटें शामिल थी। सपा ने दादरी सीट पर भी लड़ने की इच्छा जताई थी। अखिलेश यादव पहले कह चुके हैं कि वे हरियाणा में सीटों की संख्या को लेकर कोई दबाव नहीं बनाएंगे लेकिन अब एक भी सीट न दिए जाने से पार्टी का सब्र टूट रहा है। सपा और कांग्रेस के बीच हरियाणा में समझौता होने से यूपी के उपचुनाव में भी कांग्रेस को हिस्सेदारी मिलना तय माना जा रहा था। यहां कांग्रेस ने 10 में से 5 सीटों पर लड़ने का प्रस्ताव दिया है। 
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